मुंबई: महाराष्ट्र में सड़क कनेक्टिविटी को बड़ा विस्तार मिलने जा रहा है. महाराष्ट्र सरकार कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे को अंतिम मंजूरी देने की तैयारी में है. करीब 442 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) को मराठवाड़ा से हाईस्पीड कनेक्टिविटी देगा. इस परियोजना पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) इस एक्सप्रेसवे को विकसित करेगा. दावा है कि इसके बनने के बाद कल्याण से लातूर का सफर मौजूदा 10-11 घंटे से घटकर करीब 4 घंटे रह जाएगा.
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8 किलोमीटर लंबी सुरंग बनेगी
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत पश्चिमी घाट के मालशेज घाट में प्रस्तावित करीब 8 किलोमीटर लंबी सुरंग होगी. सुरंग बनने से पहाड़ी क्षेत्र के घुमावदार रास्तों और यातायात की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है. प्रस्तावित कॉरिडोर में करीब 17 इंटरचेंज बनाए जाने की योजना है, जिससे इसे दूसरे प्रमुख एक्सप्रेसवे और परिवहन नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा.
किन इलाकों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे?
कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित अलाइनमेंट कई प्रमुख शहरों और क्षेत्रों को जोड़ते हुए लातूर तक जाएगा. इनमें प्रमुख रूप से कल्याण (ठाणे), मुरबाड, मालशेज घाट, ओतूर/आलेफाटा, अहिल्यानगर, पाथर्डी, बीड, मांजरसुंभा, अंबाजोगाई, लातूर शामिल हैं. यह कॉरिडोर मौजूदा NH-61 (कल्याण-अहमदनगर-नांदेड हाईवे) के समानांतर एक हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के तौर पर विकसित किए जाने की योजना है.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा
इस परियोजना की सबसे अहम कड़ी इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के विरार-JNPT लिंक से जोड़ने की योजना है. यह लिंक कल्याण और बदलापुर के आसपास से गुजरता है. कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे को लिंक एक्सप्रेसवे और रिंग रोड नेटवर्क के जरिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. इससे मराठवाड़ा और लातूर क्षेत्र से मुंबई के साथ-साथ JNPT पोर्ट तक तेज माल ढुलाई का रास्ता आसान होने की उम्मीद है.
नवी मुंबई, एयरपोर्ट और अटल सेतु तक आसान पहुंच
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर से जोड़ने की भी योजना है. इससे कल्याण और ठाणे क्षेत्र से नवी मुंबई, वसई-विरार, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अटल सेतु (MTHL) तक पहुंच बेहतर हो सकती है. इससे मुंबई महानगर क्षेत्र के कई दूरदराज के इलाकों को भी बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है.
शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से भी होगा कनेक्शन
लातूर छोर पर कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे को प्रस्तावित नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है. इससे विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण और गोवा के बीच हाईस्पीड सड़क नेटवर्क को मजबूती मिल सकती है.
सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे से भी कनेक्टिविटी
मराठवाड़ा-लातूर क्षेत्र में यह कॉरिडोर निर्माणाधीन सूरत-चेन्नई इकोनॉमिक कॉरिडोर के नजदीक होगा. इससे दक्षिण भारत की ओर जाने वाले वाहनों के लिए इंटरचेंज और कनेक्टिविटी के नए विकल्प विकसित हो सकते हैं.
आगे कर्नाटक तक बढ़ाने की भी योजना
कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे को भविष्य में महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा की ओर बढ़ाने का प्रस्ताव भी सामने आया है. इसे बीदर-गुलबर्गा रूट से जोड़ने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है. अगर प्रस्तावित परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलती है और निर्धारित समयसीमा में निर्माण पूरा होता है, तो कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे मुंबई महानगर क्षेत्र और मराठवाड़ा के बीच यात्रा के समय को कम करने के साथ-साथ महाराष्ट्र के कई बड़े एक्सप्रेसवे और आर्थिक कॉरिडोर को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है.


