Today Weather Update 12 June 2026: देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश, आंधी, वज्रपात और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. वहीं दक्षिण-पश्चिम मानसून भी लगातार आगे बढ़ रहा है और 11 जून को इसने कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे दी है.
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में 13 जून तक बारिश का दौर बना रह सकता है. इस दौरान कई राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, आंधी-तूफान और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना है.
मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, कई राज्यों में आगे बढ़ा
IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 11 जून को कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ और हिस्सों, तमिलनाडु के शेष क्षेत्रों, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों और बिहार के कुछ इलाकों में प्रगति की है. मानसून की आगे बढ़ती गतिविधियों के कारण पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई राज्यों में बारिश का दायरा बढ़ने की उम्मीद है.
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार और तेज हो सकती है, जिससे कई क्षेत्रों में गर्मी से राहत मिलेगी.
उत्तर-पश्चिम भारत में 13 जून तक बारिश और आंधी का दौर
पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय बना रहेगा.
मौसम विभाग के अनुसार 11 और 12 जून को कई इलाकों में तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना है. पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 जून को भारी बारिश का भी अनुमान जताया गया है. वहीं राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली क्षेत्र में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी के झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 11 से 13 जून के बीच धूलभरी आंधी चलने की भी संभावना है.
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में 12 जून को भी मौसम का असर बना रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है.
11 जून को कई क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया था, जबकि 12 जून को भी तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मौसम रहेगा सक्रिय
मध्य भारत के राज्यों में भी मौसम का प्रभाव देखने को मिलेगा. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 जून को आंधी, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना है. मौसम विभाग ने यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है.
छत्तीसगढ़ में भी 11 और 12 जून के दौरान तेज हवाओं और मेघगर्जन की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. 12 जून को राज्य में व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है.
बिहार, झारखंड और ओडिशा में बारिश का असर बढ़ेगा
पूर्वी भारत में मानसून की सक्रियता के साथ बारिश का दायरा बढ़ रहा है. बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 12 और 13 जून के दौरान अच्छी बारिश की संभावना है.
मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है.
इसके अलावा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रह सकता है.
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की संभावना
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक व्यापक वर्षा की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुसार असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं.
दक्षिण भारत में मानसून का असर तेज
दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
केरल और माहे में 11 और 12 जून को बहुत भारी बारिश का अनुमान है. तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है. कई क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
पश्चिम भारत में भी बदल रहा मौसम
गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में अगले कुछ दिनों तक छिटपुट बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में तेज हवाओं के साथ आंधी की संभावना बनी हुई है.
इन राज्यों में सबसे ज्यादा होगा असर

तापमान में मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 12 जून तक अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. इसके बाद 13 जून से तापमान में धीरे-धीरे 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है.
मध्य भारत में 12 जून के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. हालांकि देश के अधिकांश अन्य हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा.
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है. गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदानों में जाने और बिजली के खंभों के पास रहने से बचना चाहिए.
किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने और स्थानीय मौसम चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है. वहीं यात्रियों को भी मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की अपील की गई है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 11 जून 2026 को जारी राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी बुलेटिन.
FAQs
Q1. 12 जून 2026 को किन राज्यों में आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और कई अन्य राज्यों में आंधी, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
Q2. किन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है?
उत्तर: उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, असम, मेघालय, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
Q3. क्या 12 जून को ओलावृष्टि का भी खतरा है?
उत्तर: हां. उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है.
Q4. तापमान में कितना बदलाव देखने को मिल सकता है?
उत्तर: मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि मध्य भारत में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है.


