भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार 10 जून को पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान आंधी, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है.
मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
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मानसून ने पूर्वोत्तर भारत में बढ़ाया दायरा
IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जून को पूर्वोत्तर भारत के शेष हिस्सों, पूरे सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ और क्षेत्रों में आगे बढ़ चुका है. मानसून की इस प्रगति के कारण पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 जून तक लगातार बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. कई स्थानों पर भारी और कुछ इलाकों में बहुत भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है.
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और तटीय कर्नाटक में अगले 5 से 7 दिनों तक मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी वर्षा होने की संभावना जताई है.
केरल और माहे में 10 से 12 जून के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तटीय कर्नाटक के कई जिलों में भी तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी गरज-चमक के साथ बारिश तथा 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका प्रभाव 11 और 12 जून को उत्तर-पश्चिम भारत में देखने को मिलेगा. इसके कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल सकता है.
इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं.
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में आंधी का खतरा
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है. 11 और 12 जून को इन क्षेत्रों में तेज आंधी, मेघगर्जन और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है.
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और यातायात में बाधा आने की आशंका है. लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.
राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बदलेगा मौसम
राजस्थान में 11 से 15 जून के बीच मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में आंधी, धूलभरी हवाएं और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
11 से 13 जून के बीच पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी चलने की संभावना है, जबकि 14 और 15 जून को गरज-चमक और तेज हवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है.
उत्तर प्रदेश में भी 9 से 15 जून के बीच कई जिलों में बारिश और मेघगर्जन की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. पश्चिमी और पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है.
मध्य भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी मौसम सक्रिय बना रहेगा. 10 जून को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है.
मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं छत्तीसगढ़ में भी बारिश और वज्रपात की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं.
बिहार, झारखंड और ओडिशा में भारी बारिश की संभावना
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम विभाग ने कई चेतावनियां जारी की हैं. बिहार में 10 से 12 जून के बीच भारी बारिश का अलर्ट है. झारखंड और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ बारिश तथा तेज हवाएं चल सकती हैं.
कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 50 से 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है.
हीटवेव से अभी पूरी राहत नहीं
हालांकि कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में हीटवेव का असर अभी भी बना रहेगा.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी राजस्थान में 10 जून तक लू चलने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार 11 जून तक तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद 12 और 13 जून को तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है.
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है. गरज-चमक के समय सुरक्षित भवनों में शरण लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है.
किसानों को भी मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी राष्ट्रीय मौसम चेतावनी और पूर्वानुमान बुलेटिन, 9 जून 2026.
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FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या 10 जून 2026 को देश के कई राज्यों में बारिश होगी?
Ans: हां. IMD के अनुसार 10 जून को पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण भारत, बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है.
Q2. किन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
Ans: केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) की संभावना जताई गई है.
Q3. क्या दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में आंधी का खतरा है?
Ans: हां. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 11 और 12 जून को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में तेज आंधी, गरज-चमक, बिजली गिरने और 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
Q4. क्या उत्तर भारत में हीटवेव अभी जारी रहेगी?
Ans: मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी राजस्थान में 10 जून तक लू की स्थिति बनी रह सकती है. इसके बाद तापमान में गिरावट आने की संभावना है.


