Weather Update 5 September 2026: 5 सितंबर 2026, शनिवार को देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने वाली हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
IMD के अनुसार 5 सितंबर को कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है. बिहार समेत कुछ राज्यों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है.
दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में बारिश का असर
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 5 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. पंजाब में भी भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने 4 से 6 सितंबर के दौरान इन क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियों की संभावना जताई है. पूर्वानुमान के अनुसार इस दौरान कुछ इलाकों में बारिश के कारण जलभराव और यातायात संबंधी परेशानी सामने आ सकती है.
दिल्ली-NCR समेत आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुबह और शाम के समय मौसम में अचानक बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए. खासकर खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए बिजली चमकने के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश 5 सितंबर को मौसम की दृष्टि से ज्यादा संवेदनशील क्षेत्रों में रहेंगे. IMD ने दोनों जगह अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. पूर्वी मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर आगे भी जारी रह सकता है. 5 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 6 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
बिहार और उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दौर
बिहार में 5 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है और कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है. IMD ने 5 से 8 सितंबर के बीच बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां 6 से 8 सितंबर के दौरान ज्यादा सक्रिय रह सकती हैं.
उत्तर प्रदेश और बिहार के निचले इलाकों में लगातार बारिश की स्थिति में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है. किसानों को खेतों में पानी जमा नहीं होने देने के लिए जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है.
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम खराब रहने के आसार
उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है. 5 सितंबर को उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. हिमाचल प्रदेश में भी 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है. जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में भी मौसम सक्रिय रह सकता है.
पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, मलबा खिसकने और सड़क मार्ग प्रभावित होने का जोखिम बढ़ सकता है. यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा स्थिति देखकर ही आगे बढ़ना चाहिए.
पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में बारिश
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर राज्यों में 4 से 10 सितंबर के दौरान कई जगहों पर बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है.
मौसम खराब होने की वजह क्या है
IMD के अनुसार 4 सितंबर को उत्तरी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों में बना वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया उसी क्षेत्र में बना हुआ था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला था और अगले दो दिनों के दौरान इसके लगभग एक ही क्षेत्र में बने रहने की संभावना जताई गई थी. मानसून ट्रफ भी इस सिस्टम से होकर गुजर रही थी.
यही मौसमी सिस्टम मध्य भारत के साथ आसपास के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है. इसके अलावा दक्षिण भारत के हिस्सों में भी अलग-अलग मौसम प्रणालियों के कारण बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है.
बारिश से क्या असर पड़ सकता है
IMD ने भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने और बागवानी तथा खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका जताई है. तेज हवा और बारिश से कमजोर ढांचे, कच्चे मकान, दीवारें और सड़कें प्रभावित हो सकती हैं. निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और पानी भरने की स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान दृश्यता भी कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना रहती है.
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
बारिश और आंधी के दौरान मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें. बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ के नीचे खड़े न हों और सुरक्षित स्थान पर रहें. जलाशय, तालाब या अन्य खुले जल स्रोतों से दूर रहें. बिजली गिरने की आशंका हो तो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित तरीके से अनप्लग करने की सलाह दी गई है. पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों को मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित करने की सलाह भी IMD ने दी है.
किसानों के लिए क्या सलाह
मध्य प्रदेश में सोयाबीन, कपास, मक्का और गन्ने के खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है. बहुत गीली परिस्थितियों में खेत संबंधी काम और कुछ कृषि गतिविधियों को टालना बेहतर रहेगा. बिहार में धान, मक्का, तिल, अरहर और अन्य खड़ी फसलों के खेतों में पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है. अत्यधिक गीले खेतों में खाद और पौध संरक्षण संबंधी काम मौसम अनुकूल होने तक स्थगित करने को कहा गया है.
अगले दिनों में भी बारिश का दौर
मौसम विभाग के 7 दिन के पूर्वानुमान में बिहार में 5 और 6 सितंबर को बारिश की स्थिति अपेक्षाकृत व्यापक रहने की संभावना दिखाई गई है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को काफी व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 9 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. उत्तराखंड में भी 5 से 10 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
FAQ
1. 5 सितंबर को सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
2. क्या दिल्ली-NCR में बारिश होगी?
हां. 5 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना IMD ने जताई है.
3. क्या बिहार में भारी बारिश का अलर्ट है?
हां. 5 सितंबर को बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. बिहार में 5 से 8 सितंबर के बीच भी भारी बारिश का दौर रह सकता है.
4. बारिश के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बिजली चमकने के दौरान खुले स्थान, पेड़ और जल स्रोतों से दूर रहना चाहिए. सुरक्षित भवन में शरण लेना सबसे जरूरी सावधानियों में शामिल है.
5. किसानों को अभी क्या करना चाहिए?
खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें. अत्यधिक गीली जमीन में कृषि कार्य, खाद और पौध संरक्षण संबंधी गतिविधियां मौसम अनुकूल होने तक टालें.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)


