नई दिल्ली. देश के मौसम में इन दिनों दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं. एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बन रही है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से अभी भी भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार 8 जून को देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी, तेज हवाएं और हीटवेव जैसी मौसम गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
मानसून ने पकड़ी रफ्तार, पूर्वोत्तर भारत में अच्छी प्रगति
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 7 जून को पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के और हिस्सों तक पहुंच गया है. इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जबकि त्रिपुरा, असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ और क्षेत्रों में भी मानसून ने दस्तक दे दी है.
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मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की यह प्रगति कृषि और जल संसाधनों के लिहाज से सकारात्मक संकेत मानी जा रही है.
दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर जारी
दक्षिण भारत फिलहाल सबसे ज्यादा मौसम गतिविधियों वाला क्षेत्र बना हुआ है. मौसम विभाग ने कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
विशेष रूप से कर्नाटक के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में 8 से 10 जून के बीच अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है. कई इलाकों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है.
केरल और माहे में भी अगले कुछ दिनों तक लगातार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का बड़ा अलर्ट
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले सात दिनों तक व्यापक वर्षा गतिविधियां जारी रहने की संभावना है.
8 जून को कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 9 जून से 13 जून के बीच कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का खतरा भी बना हुआ है. पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
उत्तर भारत में कहां होगी बारिश?
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिनों के दौरान छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है.
राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 8 जून को तेज हवाओं के साथ स्थानीय बारिश की संभावना बनी हुई है. वहीं हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 जून को सक्रिय रहे आंधी-तूफान के बाद 8 जून को मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है.
हालांकि 11 जून के बाद उत्तर भारत के कई हिस्सों में एक बार फिर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
उत्तर प्रदेश और दिल्ली में गर्मी का असर बढ़ेगा
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 और 10 जून को लू चलने की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 9 से 11 जून के बीच हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी 8 जून से तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो सकती है. इन क्षेत्रों में 8 से 11 जून के बीच लू चलने की चेतावनी जारी की गई है.
विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर के समय तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक रह सकता है.
राजस्थान में जारी रहेगा गर्मी का प्रकोप
राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में लू का असर फिलहाल बना रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम राजस्थान में 7 से 11 जून के बीच हीटवेव की स्थिति रहने की संभावना है.
हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में 8 से 10 जून के बीच 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर थोड़ी राहत महसूस हो सकती है.
मध्य भारत में आंधी और गरज-चमक
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है.
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. छत्तीसगढ़ में भी मौसम विभाग ने आंधी और बिजली गिरने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है.
बिहार, झारखंड और ओडिशा में बदलता मौसम
पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड और ओडिशा में अगले सप्ताह मौसम सक्रिय बना रहेगा. बिहार में 10 और 11 जून को भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
ओडिशा में 9 से 13 जून के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. वहीं झारखंड में भी कई जिलों में मेघगर्जन और बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है.
तापमान को लेकर क्या कहता है पूर्वानुमान?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 10 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है.
देश के बाकी हिस्सों में 13 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
जहां भारी बारिश की चेतावनी है वहां लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है. वहीं जिन राज्यों में लू का खतरा है वहां पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है.
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है.
8 जून का मौसम देशभर में विविध रूप दिखाने वाला है. दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में मानसून और भारी बारिश का असर दिखाई देगा, जबकि उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में गर्मी और लू की चुनौती बनी रहेगी. ऐसे में मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी होगा.
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Source: India Meteorological Department
4 FAQ
Q1. 8 जून 2026 को देश में सबसे ज्यादा बारिश कहां होने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. कर्नाटक के कुछ इलाकों में अत्यंत भारी वर्षा भी हो सकती है.
Q2. क्या उत्तर प्रदेश और दिल्ली में लू का खतरा है?
हां. IMD के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9-10 जून और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9-11 जून के दौरान लू चल सकती है. दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी 8 से 11 जून के बीच हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है.
Q3. मानसून अभी कहां तक पहुंचा है?
दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी के और हिस्सों, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम तथा असम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है.
Q4. किन राज्यों में आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है?
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक और 40-60 KM/H तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.


