प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 4.0 के तहत युवाओं को नए जमाने की तकनीकों और उभरते क्षेत्रों में रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है. योजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, 5G, सोलर एनर्जी, 3D प्रिंटिंग, सेमीकंडक्टर और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे क्षेत्रों में 600 से ज्यादा कोर्स शुरू किए गए हैं. 30 जून 2026 तक इन क्षेत्रों में 5.44 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है.
उद्योग की जरूरत के हिसाब से तैयार किए जा रहे हैं स्किल कोर्स
PMKVY 4.0 में स्किल डेवलपमेंट को मांग आधारित रखा गया है. यानी ट्रेनिंग कार्यक्रमों को उद्योग और तेजी से उभरते क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है. योजना का एक प्रमुख फोकस नई और भविष्य से जुड़ी तकनीकों में युवाओं को प्रशिक्षित करना है.
AI, ड्रोन और 5G जैसे क्षेत्रों पर फोकस
PMKVY 4.0 के तहत 600 से ज्यादा कोर्स शुरू किए गए हैं. इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 5G, सोलर एनर्जी, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग यानी 3D प्रिंटिंग, सेमीकंडक्टर और IoT जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
30 जून 2026 तक इन नए और भविष्य से जुड़े क्षेत्रों में 5.44 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया गया है. योजना का उद्देश्य युवाओं को इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक स्किल देना और उनके लिए अलग-अलग करियर विकल्प तैयार करना है.
ट्रेनिंग के साथ On-the-Job Training
PMKVY 4.0 के तहत कई स्किल कोर्स में On-the-Job Training (OJT) को शामिल किया गया है. इसका उद्देश्य उम्मीदवारों को वास्तविक कार्यस्थल पर व्यावहारिक अनुभव देना और उनकी रोजगार क्षमता को बेहतर करना है.
जिन जॉब रोल्स में National Council for Vocational Education and Training (NCVET) की ओर से OJT निर्धारित किया गया है, उनमें यह अनिवार्य है. उम्मीदवारों का मूल्यांकन निर्धारित OJT पूरा करने के बाद ही किया जाता है. OJT की अवधि संबंधित जॉब रोल के Qualification Pack के अनुसार तय होती है.
नए जमाने के जॉब रोल्स के लिए ₹414.86 करोड़ का इस्तेमाल
PMKVY 4.0 में ट्रेनिंग के लिए लक्ष्य Project Implementing Agencies की ओर से दिए गए प्रस्तावों के आधार पर मंजूर किए जाते हैं. इसमें संबंधित क्षेत्रों के स्किल गैप को ध्यान में रखा जाता है.
ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर
30 जून 2026 तक ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन एनर्जी मेंटेनेंस जैसे भविष्य और नए जमाने के जॉब रोल्स में ट्रेनिंग के लिए ₹414.86 करोड़ का इस्तेमाल किया गया है.
नए जमाने के कोर्स को बढ़ावा देने के लिए Common Norms के तहत ₹49 प्रति घंटे की उच्चतम प्रचलित ट्रेनिंग लागत उपलब्ध कराई जाती है. इसका उद्देश्य ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स को जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, टूल्स, उपकरण और योग्य ट्रेनर्स उपलब्ध कराने में मदद करना है.
स्किल डेवलपमेंट में इंडस्ट्री की भागीदारी
PMKVY 4.0 के तहत ट्रेनिंग को बदलती बाजार और उद्योग की जरूरतों से जोड़ने के लिए इंडस्ट्री की भागीदारी को स्किलिंग सिस्टम का हिस्सा बनाया गया है.
NCVET और Sector Skill Councils की भूमिका
National Council for Vocational Education and Training सभी जॉब रोल्स और क्वालिफिकेशन के लिए इंडस्ट्री वैलिडेशन को अनिवार्य करता है. साथ ही जॉब रोल और क्वालिफिकेशन तैयार करने तथा समय-समय पर उनकी समीक्षा में भी इंडस्ट्री की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है.
देश में 36 इंडस्ट्री-लेड Sector Skill Councils हैं. ये संस्थाएं नियोक्ताओं और उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ मिलकर उभरती स्किल जरूरतों की पहचान करती हैं और National Skills Qualification Framework (NSQF) के अनुसार जॉब रोल और पाठ्यक्रम तैयार या अपडेट करती हैं.
15 से ज्यादा इंडस्ट्री संस्थाओं को Awarding Bodies के रूप में मान्यता दी गई है. इनमें HCL Technologies, IBM, Bajaj Finserv और Microsoft जैसी संस्थाएं शामिल हैं.
120 से ज्यादा इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स से बातचीत
मई 2024 से Ministry of Skill Development and Entrepreneurship ने अलग-अलग क्षेत्रों में स्किल जरूरतों, कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी अपनाने को लेकर 13 से ज्यादा कंसल्टेशन किए हैं. इन चर्चाओं में 120 से ज्यादा इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया.
इनमें Larsen & Toubro, Swiggy और CREDAI जैसी संस्थाएं भी शामिल रही हैं.
रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए Employability Skills
PMKVY 4.0 के तहत उम्मीदवारों की रोजगार क्षमता को मजबूत करने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम में Employability Skills के मॉड्यूल भी शामिल किए गए हैं.
इसके अलावा Skill India Digital Hub (SIDH) के जरिए उम्मीदवारों को अपनी गति से डिजिटल लर्निंग करने के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
PMKVY 4.0 की निगरानी के लिए Kaushal Samiksha Kendra
Ministry of Skill Development and Entrepreneurship ने PMKVY 4.0 के तहत निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए Kaushal Samiksha Kendra (KSK) स्थापित किया है. इसके जरिए Skill India Centres की लगातार निगरानी की जाती है.
निरीक्षण में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई
KSK के तहत Ministry, Regional Directorate of Skill Development and Entrepreneurship, State Skill Development Missions और National Skill Development Corporation की मॉनिटरिंग टीमें Skill India Centres का फिजिकल और वर्चुअल निरीक्षण करती हैं.
इन निरीक्षणों का उद्देश्य योजना के दिशा-निर्देशों का पालन जांचना, क्रियान्वयन से जुड़ी कमियों की पहचान करना और उम्मीदवारों की उपस्थिति से संबंधित गड़बड़ियों का पता लगाना है.
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PMKVY 4.0 Monitoring Guidelines के तहत निरीक्षण में मिली जानकारी और Aadhaar Enabled Biometric Attendance System (AEBAS) के रिकॉर्ड में अंतर को गंभीर स्तर की गैर-अनुपालना माना जाता है. ऐसी स्थिति में ट्रेनिंग गतिविधियों को निलंबित करने, भुगतान रोकने या वसूली करने, मान्यता या संबद्धता रद्द करने और संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है. गंभीर मामलों में FIR दर्ज कराने सहित कानूनी कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है.
यह जानकारी Skill Development and Entrepreneurship मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Shri Jayant Chaudhary ने बुधवार को राज्यसभा में लिखित जवाब में दी.


