UP News: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे अब उद्घाटन के लिए लगभग तैयार है. करीब 594 किलोमीटर लंबा यह मेगा प्रोजेक्ट अप्रैल या मई में जनता के लिए खोल दिया जाएगा.
तेजी से पूरा हुआ निर्माण कार्य
हाल ही में यूपी स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि परियोजना का काम 95 से 100 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है. मेरठ से बदायूं तक निरीक्षण के दौरान सड़क की गुणवत्ता और रफ्तार दोनों संतोषजनक पाई गईं.
गुरूग्राम-नोएडा की राह पर यूपी का ये जिला! बन रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हब, खुलेगा रोजगार का पिटारा
आधा होगा सफर का समय
अभी मेरठ से प्रयागराज तक सफर में 11 से 12 घंटे लगते हैं, लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह दूरी महज 6 से 8 घंटे में पूरी हो सकेगी. यानी यात्रियों के 5 से 6 घंटे की बड़ी बचत होगी.
12 जिलों को जोड़ेगा
यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाएगा. इससे 12 जिलों के 500 से ज्यादा गांव सीधे मुख्य सड़क नेटवर्क से जुड़ेंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे.
कितना हो सकता है टोल?
हालांकि टोल दरें अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन अनुमान के मुताबिक कारों के लिए करीब 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर टोल लिया जा सकता है. इस हिसाब से मेरठ से प्रयागराज तक एक तरफ का सफर लगभग ₹1500 के आसपास पड़ सकता है.
खास एयरस्ट्रिप की सुविधा
शाहजहांपुर के पास एक्सप्रेसवे पर 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है. यहां भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान आपात स्थिति में दिन और रात दोनों समय लैंडिंग और टेकऑफ कर सकते हैं. पहले यहां राफेल, सुखोई जैसे विमानों की सफल ड्रिल भी हो चुकी है.
आधुनिक और सुरक्षित हाईवे
6 लेन एक्सप्रेसवे (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार संभव)
हर 1 किलोमीटर पर CCTV निगरानी
कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग
इमरजेंसी हेल्पलाइन और साइनबोर्ड
बिना रुकावट तेज रफ्तार यात्रा
अब जाम से मिलेगी राहत! ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक दौड़ेगी मेट्रो, लाखों लोगों का सफर होगा आसान
अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट
गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ सफर आसान नहीं बनाएगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा देगा. पश्चिमी और पूर्वी यूपी के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी.


