पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते खतरे के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. लगभग दो हफ्तों की अनिश्चितता के बाद भारत आने वाले कुछ तेल और गैस जहाज सुरक्षित तरीके से Strait of Hormuz पार करने लगे हैं. इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इसी बीच नई दिल्ली में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री S. Jaishankar ने साफ कहा कि होर्मुज और रेड सी जैसे समुद्री रास्तों का सुरक्षित और बिना रुकावट खुला रहना पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है.
“कपास पर ड्यूटी हटाइए”, तमिलनाडु के CM विजय ने PM मोदी से की बड़ी मांग
आखिर क्यों इतना महत्वपूर्ण है होर्मुज?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है. वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. भारत भी अपनी जरूरत का काफी कच्चा तेल और LPG इसी मार्ग से प्राप्त करता है. विशेषज्ञों के मुताबिक:
- भारत का लगभग आधा कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है
- LPG सप्लाई भी बड़े स्तर पर प्रभावित हो सकती है
- और किसी भी रुकावट का असर सीधे महंगाई पर पड़ सकता है.
भारत के लिए राहत क्यों मानी जा रही यह खबर?
हालिया रिपोर्टों के अनुसार भारत आने वाले दो LPG टैंकर – Symi और NV Sunshine – सफलतापूर्वक होर्मुज पार कर चुके हैं. ये पिछले लगभग दो हफ्तों में भारत की ओर बढ़ने वाले पहले ऊर्जा जहाज बताए जा रहे हैं. इससे संकेत मिला है कि बेहद तनावपूर्ण हालात के बावजूद सीमित स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति फिर से शुरू हो रही है. कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि ईरान फिलहाल उन जहाजों को गुजरने की अनुमति दे रहा है जो उसके साथ सीधे युद्ध की स्थिति में नहीं हैं और समन्वय बनाए हुए हैं.
BRICS बैठक में भारत ने क्या कहा?
नई दिल्ली में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत ने संतुलित लेकिन स्पष्ट रुख अपनाया. जयशंकर ने कहा:
- शांति “टुकड़ों में” नहीं लाई जा सकती
- समुद्री व्यापार सुरक्षित रहना चाहिए
- और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन जरूरी है.
उन्होंने गाजा, लेबनान, सूडान, सीरिया और यमन का भी जिक्र किया और कहा कि इन संघर्षों का सबसे ज्यादा असर विकासशील देशों पर पड़ रहा है.
ईरान और UAE तनाव का असर भारत तक क्यों पहुंचा?
हाल के महीनों में ईरान और UAE के बीच तनाव काफी बढ़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने UAE पर अमेरिकी सैन्य सहयोग का आरोप लगाया, जबकि खाड़ी क्षेत्र में कई हमलों और ड्रोन घटनाओं ने हालात और खराब कर दिए. इस पूरे संकट का असर:
- तेल बाजार
- गैस सप्लाई
- शिपिंग बीमा
- और अंतरराष्ट्रीय व्यापार
पर दिखाई देने लगा है.
भारतीय जहाज पर हमले के बाद बढ़ी चिंता
भारत की चिंता तब और बढ़ गई जब ओमान के पास भारतीय झंडे वाले एक जहाज पर हमला हुआ और बाद में उसके डूबने की खबर सामने आई. हालांकि भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया. इसके बाद भारत ने साफ कहा कि:
- आम नाविकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है
- और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए.
क्या भारत पर पड़ सकता है महंगाई का असर?
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज संकट लंबा चला तो:
- पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं
- LPG कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है
- और शिपिंग लागत बढ़ने से महंगाई पर असर पड़ सकता है.
भारत पहले से:
- रूस
- UAE
- और अन्य देशों से ऊर्जा आयात बढ़ाने
की रणनीति पर काम कर रहा है ताकि सप्लाई जोखिम कम किया जा सके
भारत की रणनीति क्या दिख रही है?
पूरे संकट के दौरान भारत ने:
- खुलकर किसी पक्ष का समर्थन नहीं किया
- कूटनीतिक संतुलन बनाए रखा
- और ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस किया.
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इस समय:
- सुरक्षित समुद्री व्यापार
- स्थिर ऊर्जा आपूर्ति
- और क्षेत्रीय शांति
तीनों को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहा है.
रसोई गैस संकट के बीच सरकार का नया प्लान, अब Coal से बनेगी Gas?
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा रही. लेकिन भारत आने वाले जहाजों का दोबारा होर्मुज पार करना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. अगर आने वाले दिनों में:
- समुद्री रास्ते खुले रहते हैं
- संघर्ष और नहीं बढ़ता
- और कूटनीतिक बातचीत जारी रहती है
तो वैश्विक तेल और गैस बाजार में कुछ स्थिरता लौट सकती है. हालांकि ऊर्जा बाजार के जानकार अभी भी इस पूरे क्षेत्र को “उच्च जोखिम क्षेत्र” मान रहे हैं.
aa

