कई लोग पुराने जूते खराब होने के बाद सीधे कूड़े में फेंक देते हैं. लेकिन दो दोस्तों ने इन्हीं फेंके हुए जूतों में ऐसा बिजनेस आइडिया देखा जिसने उनकी जिंदगी बदल दी. आज उनका Startup ना सिर्फ करोड़ों का कारोबार कर रहा है बल्कि हजारों जरूरतमंद बच्चों तक चप्पल और फुटवियर भी पहुंचा रहा है.
यह प्रेरणादायक कहानी है Shriyans Bhandari और Ramesh Dhami की, जिन्होंने पुराने जूतों को recycle करके एक unique eco-friendly startup खड़ा कर दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका यह business अब सालाना करीब 2.5 से 3 करोड़ रुपये का turnover हासिल कर रहा है.
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ऐसे आया करोड़ों के Startup का आइडिया
रिपोर्ट्स के अनुसार इस Startup की शुरुआत एक बेहद साधारण घटना से हुई. Athlete और marathon runner Shriyans Bhandari ने अपने दोस्त और marathon coach Ramesh Dhami को पुराने running shoes repair करते देखा. जूतों का sole अभी मजबूत था, इसलिए उन्हें फेंकने की बजाय दोबारा इस्तेमाल करने का विचार आया.
इसके बाद दोनों ने footwear waste पर research शुरू की. उन्हें पता चला कि दुनिया भर में करोड़ों जूते landfill में फेंक दिए जाते हैं और इन्हें पूरी तरह खत्म होने में 200 साल तक लग सकते हैं. इसी समस्या को business opportunity में बदलने का फैसला किया गया.
झुग्गी बस्ती की छोटी यूनिट से हुई शुरुआत
शुरुआत आसान नहीं थी. दोनों founders का footwear manufacturing industry से कोई संबंध नहीं था. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने मुंबई की एक झुग्गी बस्ती में किराए की छोटी यूनिट से काम शुरू किया, जहां शुरुआत में रोज सिर्फ 15-20 जोड़ी footwear तैयार हो पाते थे. धीरे-धीरे उन्होंने ऐसी process तैयार की जिसमें पुराने जूतों को अलग करके usable material निकाला जाता था. उसमें कुछ नया material जोड़कर जरूरतमंद बच्चों के लिए आरामदायक footwear बनाया जाता था.
आज 20 राज्यों तक पहुंच चुका है नेटवर्क
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह Startup अब हर महीने 15,000 से 20,000 जोड़ी पुराने जूते collect करता है. इसके बाद उन्हें recycle और redesign करके बच्चों के लिए footwear तैयार किए जाते हैं.
बताया जाता है कि Startup की टीम गांवों और आदिवासी इलाकों तक जाकर बच्चों के पैरों का माप लेती है ताकि सही fitting वाले footwear दिए जा सकें. आज यह initiative भारत के 20 राज्यों तक पहुंच चुका है और इसमें 100 से ज्यादा corporate CSR partners भी जुड़े हुए हैं.
Eco-Friendly Retail Brand से करोड़ों की कमाई
सिर्फ donation model तक सीमित रहने की बजाय founders ने eco-friendly retail products भी लॉन्च किए. रिपोर्ट्स के अनुसार Startup अब recycled material से sneakers और accessories भी बनाता है, जिससे सालाना 2.5 से 3 करोड़ रुपये तक का कारोबार हो रहा है.
Experts का मानना है कि sustainability और recycling आधारित businesses आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकते हैं क्योंकि लोग अब environment-friendly products की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.
विदेशों तक ले जाने की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक founders अब इस मॉडल को नेपाल, भूटान और अफ्रीकी देशों तक ले जाने की योजना पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा footwear waste का इस्तेमाल public infrastructure जैसे running tracks बनाने में करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं.
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क्यों खास है यह Startup Story?
यह Startup सिर्फ business success की कहानी नहीं बल्कि:
- recycling
- sustainability
- social impact
- और innovation
का भी बड़ा उदाहरण माना जा रहा है. जहां एक तरफ footwear waste पर्यावरण के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है, वहीं यह मॉडल दिखाता है कि सही सोच और innovation से कचरे को भी बड़े business में बदला जा सकता है.


