नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया है, जिसमें विकसित भारत 2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका को विस्तार से समझाया गया है. लेख में बताया गया है कि पिछले 12 वर्षों में भारत के परिवर्तन की कहानी वास्तव में देश के युवाओं की कहानी है, जिन्हें कौशल, नवाचार, उद्यमिता और शिक्षा के माध्यम से नए अवसर प्रदान किए गए हैं.
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस लेख को साझा करते हुए कहा कि सरकार की दूरदर्शी नीतियों और युवाओं में निवेश के कारण अमृत पीढ़ी को अपने सपनों को साकार करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के अवसर मिल रहे हैं.
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भारत की सबसे बड़ी ताकत है युवा आबादी
लेख में कहा गया है कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है. यह जनसांख्यिकीय शक्ति भारत को दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक विशेष स्थान प्रदान करती है.
मनसुख मंडाविया ने लिखा है कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और नवाचार के पर्याप्त अवसर मिलेंगे. पिछले दशक में इसी दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए हैं.
नई शिक्षा नीति ने बदली तस्वीर
लेख में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भारत के शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव का आधार बताया गया है. इसके तहत अनुभव आधारित शिक्षा, बहुविषयक अध्ययन और कौशल आधारित सीखने पर विशेष जोर दिया गया है.
सरकार के अनुसार, उच्च शिक्षा में नामांकन दर में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है. साथ ही छात्रवृत्ति योजनाओं, आवासीय विद्यालयों और डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्मों ने शिक्षा को अधिक सुलभ बनाया है.
SWAYAM, DIKSHA और PM e-VIDYA जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों का भी उल्लेख किया गया है, जिन्होंने देश के लाखों छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
कौशल विकास पर विशेष ध्यान
लेख में Skill India Mission और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) की उपलब्धियों का भी जिक्र किया गया है. इन पहलों के माध्यम से करोड़ों युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया गया है.
जन शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के आधुनिकीकरण को भी युवाओं के लिए नए अवसरों का आधार बताया गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि Artificial Intelligence, Semiconductor और Green Technology जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत की सफलता काफी हद तक कुशल युवाओं पर निर्भर करेगी.
स्टार्टअप इंडिया से बढ़ी उद्यमिता
मनसुख मंडाविया ने अपने लेख में भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी उल्लेख किया है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से पहले जहां देश में लगभग 350 स्टार्टअप थे, वहीं आज भारत में 2.3 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप मौजूद हैं.
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और देश में 120 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियां हैं. Startup India, Stand-Up India और अन्य सरकारी पहलों ने युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया है.
मुद्रा योजना ने दिया आर्थिक सहयोग
लेख के अनुसार, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने लाखों युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया है. अब तक 57 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 40 लाख करोड़ रुपये है.
इससे पहली पीढ़ी के उद्यमियों, छोटे कारोबारियों और स्वरोजगार से जुड़े युवाओं को वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है.
डिजिटल इंडिया बना परिवर्तन का आधार
लेख में Digital India अभियान को भी युवाओं के लिए अवसरों का बड़ा माध्यम बताया गया है. UPI, Aadhaar आधारित सेवाएं और ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म ने वित्तीय सेवाओं, शिक्षा और सरकारी योजनाओं तक पहुंच को आसान बनाया है.
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ने लेन-देन की लागत कम की है और छोटे उद्यमों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मदद की है.
खेल और स्वास्थ्य पर भी फोकस
मनसुख मंडाविया ने युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को विकसित भारत की नींव बताया है. लेख में Khelo India कार्यक्रम का उल्लेख किया गया है, जिसके तहत देशभर में 1,000 से अधिक खेल केंद्र संचालित हो रहे हैं.
इसके अलावा Tele-MANAS जैसी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और नशा मुक्त भारत अभियान का भी जिक्र किया गया है, जो युवाओं के समग्र विकास में योगदान दे रहे हैं.
MY Bharat और युवा नेतृत्व
लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2024 में दिए गए उस आह्वान का भी उल्लेख है, जिसमें गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि के एक लाख युवाओं को मुख्यधारा के सार्वजनिक जीवन से जोड़ने की बात कही गई थी.
MY Bharat प्लेटफॉर्म के माध्यम से 2.18 करोड़ से अधिक युवा स्वयंसेवक जुड़ चुके हैं. यह पहल युवाओं में सेवा, राष्ट्र निर्माण और नेतृत्व की भावना को मजबूत करने का प्रयास कर रही है.
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Viksit Bharat 2047 का आधार
लेख के अंत में मनसुख मंडाविया ने कहा है कि भारत ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है जहां जनसंख्या, तकनीक और आकांक्षाएं एक साथ नई संभावनाएं पैदा कर रही हैं.
उनका मानना है कि विकसित भारत 2047 केवल युवाओं के लिए नहीं बनाया जाएगा, बल्कि युवा ही इसकी दिशा और पहचान तय करेंगे. यही कारण है कि युवाओं में निवेश को भारत के भविष्य में निवेश माना जा रहा है.
स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय.


