Weather Update 21 June 2026: देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का स्वरूप लगातार बदल रहा है. एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में लू और आंधी-तूफान का खतरा अभी भी बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यधिक वर्षा की संभावना है, जबकि बिहार, तेलंगाना, विदर्भ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्म हवाओं का असर जारी रह सकता है.
मानसून को मिला नया बल, इन राज्यों में जल्द होगी आगे बढ़त
मौसम विभाग के अनुसार 23 जून 2026 के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. इससे इन राज्यों में वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
मानसून की प्रगति कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू हो चुका है. किसानों की नजर अब आगामी सप्ताह की बारिश पर टिकी हुई है.
पूर्वोत्तर भारत और सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. यहां 21 जून तक कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है. इसके बाद भी पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है.
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 20 से 26 जून के बीच व्यापक वर्षा की संभावना है. असम और मेघालय में 22 जून तक कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है.
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन तथा स्थानीय स्तर पर यातायात बाधित होने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं.
बिहार और झारखंड में बारिश के साथ गरज-चमक
बिहार और झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा. 20 से 26 जून के बीच दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर वर्षा की संभावना है.
बिहार में 20 से 22 जून तथा 25 से 26 जून के दौरान गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं 20-21 जून और 25-26 जून के दौरान कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है.
झारखंड में 22 से 26 जून के बीच गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है. 20 और 21 जून को कुछ इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाले थंडरस्क्वॉल की स्थिति बन सकती है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ में लू का असर जारी
हालांकि मानसून आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में गर्मी अभी भी परेशान कर रही है. मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ में 25 जून तक उष्ण लहर यानी हीट वेव की स्थिति बनी रह सकती है.
बिहार और तेलंगाना में 21 जून तक कुछ स्थानों पर लू चलने की संभावना है. लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है.
मध्य भारत में आंधी-तूफान का खतरा
मध्य भारत के कई हिस्सों में रविवार और आगामी दिनों के दौरान आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 20 से 26 जून के बीच छिटपुट वर्षा के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 जून को 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाले थंडरस्क्वॉल की चेतावनी जारी की गई है.
छत्तीसगढ़ में पूरे सप्ताह गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर बना रह सकता है. हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में मौसम बदलेगा
उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान राहत भरा मौसम देखने को मिल सकता है.
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 20 से 23 जून के बीच छिटपुट वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है. हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
राजस्थान में 20 से 26 जून तक अलग-अलग क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियां बनी रहेंगी. 20 जून को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाले थंडरस्क्वॉल की संभावना जताई गई है.
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में वर्षा का दौर
पर्वतीय राज्यों में मौसम लगातार सक्रिय बना रहेगा.
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद क्षेत्र में 20 से 22 जून के दौरान व्यापक वर्षा की संभावना है. इसके बाद 26 जून तक छिटपुट बारिश जारी रह सकती है.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी पूरे सप्ताह वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी. कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 20 और 21 जून को ओलावृष्टि की भी संभावना व्यक्त की गई है.
पश्चिमी भारत में मानसूनी गतिविधियां तेज
कोंकण और गोवा क्षेत्र में 22 से 25 जून के बीच व्यापक वर्षा का अनुमान है. 23 और 24 जून को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में भी 20 से 26 जून के दौरान वर्षा गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. हालांकि कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में 21 जून तक लू जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं.
दक्षिण भारत में बारिश का दायरा बढ़ेगा
दक्षिण भारत में मानसून धीरे-धीरे मजबूत होता दिखाई दे रहा है.
केरल, माहे और लक्षद्वीप में 20 से 26 जून तक व्यापक वर्षा का अनुमान है. केरल में 23 जून तक तथा 26 जून को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है.
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 20 से 22 जून के दौरान भारी बारिश की संभावना है. तटीय कर्नाटक में 21 से 24 जून के बीच भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है.
तेलंगाना में 22 से 26 जून के बीच भारी बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का भी अनुमान है. आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों और रायलसीमा में भी आगामी सप्ताह के दौरान वर्षा गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है. किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट के अनुसार खेती संबंधी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है.
आंधी-तूफान वाले क्षेत्रों में खुले मैदानों, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए. वहीं लू प्रभावित क्षेत्रों में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
कुछ हिस्सों में लू का प्रभाव जारी
21 जून 2026 से शुरू होने वाला सप्ताह देश के अधिकांश हिस्सों के लिए मौसम की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है. पूर्वोत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, मध्य और पूर्वी भारत में आंधी-तूफान, जबकि कुछ हिस्सों में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा. वहीं दक्षिण-पश्चिम मानसून की आगे बढ़ती रफ्तार महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के लिए राहत भरी खबर लेकर आ सकती है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD), मौसम संबंधी राष्ट्रीय पूर्वानुमान एवं चेतावनी बुलेटिन, जारी तिथि 20 जून 2026.
FAQ
Q1. दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 जून 2026 तक किन राज्यों में आगे बढ़ सकता है?
A. मौसम विभाग के अनुसार 23 जून 2026 के आसपास मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है.
Q2. सबसे ज्यादा भारी बारिश की चेतावनी किन क्षेत्रों के लिए जारी की गई है?
A. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 जून तक अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है. इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
Q3. किन राज्यों में लू का खतरा बना हुआ है?
A. पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ में 25 जून तक, जबकि बिहार और तेलंगाना में 21 जून तक हीट वेव यानी लू की स्थिति बनी रह सकती है.
Q4. किन क्षेत्रों में आंधी-तूफान और तेज हवाओं की संभावना है?
A. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और कई अन्य राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं.


