UP Weather Update 28 June 2026: उत्तर प्रदेश में 28 जून, रविवार से मौसम में बदलाव का दौर जारी रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ की ओर से जारी नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले सात दिनों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तुलना में अधिक रहेगी. इसके साथ ही कुछ इलाकों में अभी भी उष्ण लहर (Heat Wave) का असर बना रह सकता है.
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है.
अगले सात दिनों का वर्षा पूर्वानुमान
पश्चिमी उत्तर प्रदेश
- 28 जून: मौसम शुष्क रहने की संभावना.
- 29 जून: कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना.
- 30 जून: कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
- 1 जुलाई: कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना.
- 2 जुलाई: अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
- 3 जुलाई: अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना.
पूर्वी उत्तर प्रदेश
- 28 जून: अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना.
- 29 जून: अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
- 30 जून: कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना.
- 1 जुलाई: अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
- 2 जुलाई: अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना.
- 3 जुलाई: अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं.
28 जून से अगले सात दिनों की चेतावनी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश
- 28 जून: कहीं-कहीं उष्ण लहर से तीव्र उष्ण लहर चलने की संभावना.
- 29 जून: कहीं-कहीं पर उष्ण लहर चल सकती है.
- 30 जून से 3 जुलाई तक: अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना.
पूर्वी उत्तर प्रदेश
- 28 जून: अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात तथा 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना. साथ ही कुछ स्थानों पर उष्ण लहर से तीव्र उष्ण लहर की स्थिति भी बनी रह सकती है.
- 29 जून: मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ कुछ स्थानों पर उष्ण लहर की संभावना.
- 30 जून से 3 जुलाई तक: अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने जिन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है, वहां लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है. तेज हवा के दौरान कमजोर ढांचों और अस्थायी निर्माणों के आसपास सतर्क रहने की जरूरत है. जिन इलाकों में उष्ण लहर की चेतावनी है, वहां पर्याप्त पानी पीने, धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है.
मौसम का समग्र संकेत
28 जून, रविवार से उत्तर प्रदेश में मौसम दो अलग-अलग रूपों में देखने को मिल सकता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शुरुआत में शुष्क मौसम और कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर बना रहेगा, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ेंगी. जून के अंतिम दिनों और जुलाई की शुरुआत में राज्य के दोनों हिस्सों में वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ.
FAQs
1. 28 जून, रविवार को उत्तर प्रदेश में मौसम कैसा रहेगा?
28 जून, रविवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
2. किन क्षेत्रों में तेज हवा और बिजली गिरने का अलर्ट है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जून से मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. 30 जून से 3 जुलाई तक पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में यह चेतावनी जारी रहेगी.
3. क्या उत्तर प्रदेश में हीट वेव का असर अभी भी रहेगा?
हां. 28 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर उष्ण लहर से तीव्र उष्ण लहर की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी हीट वेव का प्रभाव बना रह सकता है.
4. अगले सात दिनों में बारिश कहां ज्यादा होने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले सात दिनों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तुलना में अधिक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है.


