Rajasthan Weather Update 28 June 2026: राजस्थान में 28 जून को मौसम का मिजाज दो हिस्सों में बंटा हुआ नजर आ रहा है. मौसम केंद्र जयपुर की ओर से जारी ताजा चेतावनी के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात, धूलभरी आंधी और झोंकेदार तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. वहीं पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश जिलों के लिए फिलहाल किसी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है. हालांकि लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
28 जून 2026 के लिए मौसम चेतावनी
मौसम केंद्र जयपुर द्वारा जारी चेतावनी, जो 28 जून 2026 को सुबह 08:30 बजे तक मान्य है, उसके अनुसार पूर्वी राजस्थान के अधिकांश जिले येलो अलर्ट श्रेणी में रखे गए हैं. इसका अर्थ है कि लोगों को मौसम की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है.
इन क्षेत्रों में मौसम के दौरान निम्न गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
- मेघगर्जन.
- वज्रपात.
- धूलभरी आंधी.
- झोंकेदार तेज हवाएं.

मानचित्र के अनुसार जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़, गंगानगर सहित पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल कोई चेतावनी नहीं
जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर, सिरोही, पाली, जोधपुर, नागौर, बीकानेर, फलौदी, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन सहित पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश जिलों को ग्रीन श्रेणी (No Warning) में रखा गया है. इसका मतलब है कि इन इलाकों में फिलहाल किसी विशेष मौसम चेतावनी की आवश्यकता नहीं मानी गई है. मानसूनी परिस्थितियों में मौसम तेजी से बदल सकता है. ऐसे में स्थानीय मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखना जरूरी रहेगा.

29 जून 2026 को भी पूर्वी राजस्थान में सतर्कता जारी
मौसम केंद्र की ओर से 29 जून 2026, सोमवार के लिए जारी अगले दिन की चेतावनी में भी पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी रखा गया है. इससे संकेत मिलता है कि मौसम की सक्रियता अगले दिन भी बनी रह सकती है.
29 जून के मानचित्र के अनुसार भी पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मेघगर्जन, वज्रपात, धूलभरी आंधी और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है. वहीं पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश जिले ग्रीन जोन में बने हुए हैं.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए नागरिकों को कुछ सामान्य सावधानियां अपनानी चाहिए.
- मेघगर्जन के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें.
- बिजली चमकने के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों.
- धूलभरी आंधी के दौरान वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें.
- तेज हवाओं के दौरान कमजोर ढांचों और होर्डिंग्स से दूरी बनाए रखें.
- मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें.
मौसम विभाग की चेतावनी का क्या मतलब है
येलो अलर्ट का उद्देश्य लोगों को पहले से सतर्क करना होता है ताकि संभावित मौसम गतिविधियों के दौरान आवश्यक सावधानी बरती जा सके. यह चेतावनी किसी बड़े खतरे की घोषणा नहीं होती, बल्कि मौसम के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए जागरूक रहने का संकेत देती है.
राजस्थान में मानसून के आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. इसलिए यात्रा, खेती और अन्य बाहरी गतिविधियों की योजना बनाते समय ताजा मौसम बुलेटिन की जानकारी लेते रहना बेहतर रहेगा.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र, जयपुर द्वारा 28 जून 2026 और 29 जून 2026 के लिए जारी आधिकारिक चेतावनी मानचित्र.
FAQs
Q1. 28 जून 2026 को राजस्थान में किन क्षेत्रों के लिए मौसम चेतावनी जारी की गई है?
उत्तर: मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 28 जून 2026 को पूर्वी राजस्थान के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. यहां मेघगर्जन, वज्रपात, धूलभरी आंधी और झोंकेदार तेज हवाओं की संभावना है.
Q2. क्या पश्चिमी राजस्थान के लिए भी कोई अलर्ट जारी हुआ है?
उत्तर: नहीं. जारी चेतावनी मानचित्र के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश जिले ग्रीन श्रेणी (No Warning) में हैं, यानी वहां फिलहाल कोई विशेष मौसम चेतावनी नहीं है.
Q3. 29 जून 2026 को मौसम कैसा रहने का अनुमान है?
उत्तर: 29 जून 2026 को भी पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी रखा गया है. इन इलाकों में मेघगर्जन, वज्रपात, धूलभरी आंधी और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है.
Q4. येलो अलर्ट का क्या अर्थ होता है?
उत्तर: येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम में बदलाव की संभावना है. लोगों को सतर्क रहने, मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत होती है.


