ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन (Rashtriya Gramin Vikas Sammelan) के दौरान AI-Enabled Rural Internal Audit Portal लॉन्च किया. यह देश का पहला ऐसा एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो Risk-Based Audit और Compliance Audit दोनों का एंड-टू-एंड प्रबंधन करेगा.
इस पोर्टल को ग्रामीण विकास मंत्रालय के Chief Controller of Accounts (CCA) कार्यालय ने National Informatics Centre (NIC) के सहयोग से विकसित किया है. इसका उद्देश्य पारंपरिक कागजी ऑडिट प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, डेटा आधारित और अधिक प्रभावी बनाना है.
क्या है Rural Internal Audit Portal
Rural Internal Audit Portal एक AI सक्षम डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो ग्रामीण विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की आंतरिक ऑडिट प्रक्रिया को एक ही सिस्टम पर संचालित करेगा.
इस पोर्टल के माध्यम से ऑडिट प्लानिंग, निरीक्षण, रिपोर्ट तैयार करना, Action Taken Report (ATR), अनुपालन की निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन जैसी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी की जा सकेंगी.
क्यों महसूस हुई नए पोर्टल की जरूरत
पहले ऑडिट प्रक्रिया काफी हद तक कागजी रिकॉर्ड, मैनुअल पत्राचार और अलग-अलग फाइलों पर निर्भर थी. इससे रिपोर्ट तैयार होने में देरी होती थी और पुराने रिकॉर्ड को ट्रैक करना भी कठिन था.
नई डिजिटल व्यवस्था से सभी ऑडिट रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगे, जिससे निगरानी और निर्णय लेना आसान होगा.
पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं
सरकार ने इस पोर्टल में कई आधुनिक डिजिटल सुविधाएं जोड़ी हैं.
- एंड-टू-एंड डिजिटल ऑडिट मैनेजमेंट.
- ऑनलाइन Audit Planning और Report Generation.
- Action Taken Report (ATR) की डिजिटल ट्रैकिंग.
- सभी ऑडिट रिकॉर्ड का केंद्रीकृत डिजिटल संग्रह.
- Role-Based Access System.
- रियल टाइम डैशबोर्ड और Analytics.
- Geospatial Map View के जरिए ऑडिट मॉनिटरिंग.
- AI आधारित Risk Assessment और भविष्य में Predictive Analytics की सुविधा.
- सुरक्षित और Paperless Governance.
AI करेगा ऑडिट प्रक्रिया को और स्मार्ट
मंत्रालय के अनुसार भविष्य में इस पोर्टल में Artificial Intelligence की क्षमताओं को और मजबूत किया जाएगा.
AI की मदद से.
- High Risk Units की पहचान होगी.
- Risk-Based Audit Planning आसान होगी.
- डेटा का स्वतः विश्लेषण किया जाएगा.
- Pattern Recognition के जरिए संभावित अनियमितताओं का पता लगाया जा सकेगा.
- निर्णय लेने में सहायता मिलेगी.
Map View से दिखेगी पूरे देश की ऑडिट स्थिति
इस पोर्टल की सबसे खास विशेषताओं में से एक Geospatial Map View Module है.
इसके माध्यम से अधिकारी पूरे देश में.
- कहां ऑडिट हुआ.
- कहां ऑडिट लंबित है.
- किन क्षेत्रों में कभी ऑडिट नहीं हुआ.
- किस जिले में Action Taken Report लंबित है.
जैसी जानकारी रियल टाइम में देख सकेंगे.
पहले उत्तर प्रदेश में हुआ था सफल परीक्षण
इस पोर्टल का पहला पायलट उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में 1 अप्रैल 2025 को शुरू किया गया था.
पायलट की सफलता के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से विस्तारित किया गया और अक्टूबर 2025 से इसके सभी प्रमुख मॉड्यूल संचालन में आ गए.
पूरे देश में लागू करने की तैयारी
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है.
Controller General of Accounts (CGA) ने इसे सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के Principal CCA, CCA और CA कार्यालयों में लागू करने के लिए सिद्धांततः मंजूरी भी प्रदान की है. इससे भविष्य में सरकारी ऑडिट व्यवस्था और अधिक आधुनिक एवं पारदर्शी बनने की उम्मीद है.
डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
ग्रामीण विकास मंत्रालय का मानना है कि यह पोर्टल केवल ऑडिट प्रक्रिया को डिजिटल बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि योजनाओं की गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. आने वाले समय में AI, Advanced Analytics और Intelligent Audit Planning जैसी तकनीकों के जरिए इसे और अधिक सक्षम बनाया जाएगा.
Source: Ministry of Rural Development


