Weather Update 3 July 2026: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अगले कई दिनों तक देखने को मिलेगा. इसके प्रभाव से मध्य भारत में मानसून सक्रिय रहेगा और कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.
मानसून को मिला नया सिस्टम, अगले 5 से 6 दिन रहेगा असर
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र देश के मध्य हिस्सों में नमी लगातार पहुंचाएगा. इसके कारण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सिस्टम के चलते कई इलाकों में एक के बाद एक बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं. जिन जिलों में पहले से जमीन संतृप्त है वहां जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना भी बनी रहेगी.
इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है.
- दक्षिण गुजरात क्षेत्र और कोंकण में 2 से 5 जुलाई तक.
- सौराष्ट्र और कच्छ में 2 से 4 जुलाई तक.
- पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 और 4 जुलाई को.
- ओडिशा में 3 और 4 जुलाई को.
- मध्य महाराष्ट्र में 3 से 5 जुलाई तक.
इन क्षेत्रों में बहुत तेज बारिश के साथ निचले इलाकों में जलभराव, सड़क बाधित होने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं.
उत्तर भारत में भी बारिश का नया दौर
उत्तर भारत में भी मौसम तेजी से बदल रहा है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है.
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अलग-अलग दिनों में अच्छी बारिश का अनुमान है. पूर्वी राजस्थान में 4 से 8 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी कई स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है. ऐसे में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की आशंका बनी रहेगी.
राजस्थान में बारिश के साथ तेज आंधी और धूल भरी आंधी
राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में 3 से 8 जुलाई के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है.
2 जुलाई को पश्चिमी राजस्थान में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी और धूल भरी आंधी की भी संभावना जताई गई थी. इसके बाद भी कई इलाकों में मौसम अस्थिर बना रहेगा.
मध्य भारत में सबसे ज्यादा असर
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ अगले कुछ दिनों तक मानसून की सबसे सक्रिय पट्टी में रहेंगे.
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 और 4 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है. वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है.
छत्तीसगढ़ में 4 से 8 जुलाई तथा विदर्भ में अलग-अलग दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. 2 और 3 जुलाई को पूरे क्षेत्र में मध्यम से तीव्र बिजली गिरने की गतिविधियां भी दर्ज हो सकती हैं.
पूर्वी भारत में ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर विशेष नजर
ओडिशा में 3 और 4 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है. इसके अलावा गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश होने का अनुमान है.
झारखंड में 4 से 8 जुलाई के बीच वर्षा की गतिविधियां तेज रह सकती हैं, जबकि बिहार में 5 और 6 जुलाई को कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है.
पूर्वोत्तर भारत में भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना है.
असम और मेघालय में 3 और 4 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है. वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 4 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है.
पश्चिम भारत में गुजरात और महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित
गुजरात क्षेत्र, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ में लगातार बारिश का दौर बना रहेगा.
गुजरात क्षेत्र और कोंकण में 2 से 5 जुलाई के बीच अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है. मध्य महाराष्ट्र में 3 से 5 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है.
इन इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की आशंका बनी हुई है.
दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और लक्षद्वीप में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है.
केरल और माहे में 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है. तटीय कर्नाटक में 2 से 8 जुलाई तक भारी वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है.
तेलंगाना, कर्नाटक और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं.
बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है.
जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में अलग-अलग दिनों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं
IMD के अनुसार 8 जुलाई तक देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है.
हालांकि अरुणाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों और असम में 2 से 6 जुलाई के बीच गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.
- मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखें.
- बिजली चमकने के समय खुले स्थानों में खड़े न रहें.
- नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें.
- पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग भूस्खलन की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें.
3 जुलाई 2026, शुक्रवार से देश के बड़े हिस्से में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है. कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से मध्य भारत में सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, जबकि गुजरात, ओडिशा, पश्चिमी मध्य प्रदेश, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और कई अन्य राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है. ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करते हुए सतर्क रहने की जरूरत है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD), राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन, जारी 2 जुलाई 2026.
FAQs
Q1. क्या 3 जुलाई से लगातार कई दिनों तक बारिश होने वाली है?
Ans: हां. कम दबाव के क्षेत्र के सक्रिय रहने से 3 जुलाई के बाद अगले 5 से 6 दिनों तक देश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
Q2. किन राज्यों में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है?
Ans: पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, सौराष्ट्र-कच्छ, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अत्यधिक सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि यहां भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
Q3. क्या बिजली गिरने का भी खतरा रहेगा?
Ans: हां. उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और कई दक्षिणी राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
Q4. क्या इस बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है?
Ans: जिन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश होगी वहां निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
Q5. क्या तापमान में राहत मिलेगी?
Ans: अधिकांश राज्यों में बारिश के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहेगा, लेकिन IMD के अनुसार 8 जुलाई तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है. वहीं असम और अरुणाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में उमस बनी रह सकती है.


