देश की कला और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय द्वारा “Financial Assistance to Cultural Organizations with National Presence” योजना संचालित की जा रही है. इस योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत पात्र सांस्कृतिक संगठनों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों, उत्सवों और कला संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.
इस योजना का उद्देश्य ऐसे संगठनों को आर्थिक सहयोग देना है जो भारतीय कला, संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
योजना का उद्देश्य
इस योजना के माध्यम से सरकार ऐसे सांस्कृतिक संगठनों को सहायता प्रदान करती है जो राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं और भारतीय कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देते हैं.
योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं.
- भारतीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण.
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों और महोत्सवों का आयोजन.
- राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन.
- कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं को सहयोग.
- देशभर में सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना.
कितनी मिलेगी वित्तीय सहायता?
योजना के तहत.
- सामान्यतः किसी संगठन को ₹1 करोड़ तक की वित्तीय सहायता दी जाती है.
- अधिकतम सहायता ₹2 करोड़ तक सीमित है.
- विशेष और योग्य मामलों में यह सहायता ₹5 करोड़ तक बढ़ाई जा सकती है, जिसके लिए सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति आवश्यक होगी.
- मंत्रालय द्वारा स्वीकृत परियोजना लागत का अधिकतम 67% तक अनुदान दिया जाएगा.
- शेष 33% राशि संगठन को अपनी ओर से (Matching Share) वहन करनी होगी.
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए संगठन को कुछ प्रमुख पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी.
- भारत में विधिवत पंजीकृत होना चाहिए.
- राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत होना चाहिए.
- सांस्कृतिक गतिविधियां संगठन का प्रमुख उद्देश्य हों.
- वर्ष में कम से कम 20 सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की क्षमता हो.
- पर्याप्त कलाकार, कर्मचारी या स्वयंसेवक उपलब्ध हों.
- पिछले पांच वर्षों में से कम से कम तीन वर्षों में सांस्कृतिक गतिविधियों पर ₹1 करोड़ या उससे अधिक खर्च किया हो.
- स्पष्ट रूप से गठित प्रबंधन या संचालन समिति हो.
अनुदान का उपयोग किन कार्यों में किया जा सकता है?
योजना के तहत प्राप्त अनुदान का उपयोग निम्न कार्यों में किया जा सकता है.
अधिकतम 25% राशि
- कर्मचारियों का वेतन
- कार्यालय व्यय
- भवन की मरम्मत, विस्तार या नवीनीकरण
- अन्य प्रशासनिक खर्च
कम से कम 75% राशि
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
- कलाकारों का मानदेय
- कला संरक्षण गतिविधियां
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
- शोध परियोजनाएं
- अन्य सांस्कृतिक व्यय.
अनुदान कैसे जारी किया जाएगा?
मंत्रालय के अनुसार.
- आवेदन विशेषज्ञ सलाहकार समिति द्वारा जांचे जाएंगे.
- स्वीकृति के बाद अनुदान दो किश्तों में जारी किया जाएगा.
- पहली किश्त कुल स्वीकृत राशि का 75% होगी.
- दूसरी किश्त 25% होगी, जो उपयोग प्रमाणपत्र (Utilization Certificate), ऑडिट रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद जारी की जाएगी.
आवेदन प्रक्रिया
वर्तमान में आवेदन ऑफलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं.
आवेदन करने के लिए.
- मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी विज्ञापन के अनुसार आवेदन तैयार करें.
- आवेदन की दो प्रतियां निर्धारित प्रारूप में जमा करें.
- सभी दस्तावेजों पर अधिकृत हस्ताक्षर एवं संस्था की मुहर लगाना अनिवार्य है.
- आवेदन संबंधित सांस्कृतिक विभाग, जोनल कल्चरल सेंटर या अन्य निर्धारित संस्था की अनुशंसा के साथ भेजा जा सकता है.
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज संलग्न करने होंगे.
- संस्था का संविधान
- प्रबंधन समिति का विवरण
- नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट
- पिछले तीन वर्षों का आय-व्यय विवरण
- बैलेंस शीट
- चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा प्रमाणित दस्तावेज
- बैंक खाते का विवरण
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
- प्रस्तावित परियोजना का बजट
- इंडेम्निटी बॉन्ड.
योजना की प्रमुख शर्तें
योजना के तहत चयनित संस्थाओं को.
- अलग लेखा-जोखा बनाए रखना होगा.
- समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट देनी होगी.
- खातों का ऑडिट कराना होगा.
- मंत्रालय के निरीक्षण में सहयोग करना होगा.
- अनुदान का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए करना होगा.
- आसपास के कम से कम दो विद्यालयों में सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करनी होंगी और इसके लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य का प्रमाणपत्र देना होगा.
योजना का महत्व
यह योजना देशभर के ऐसे सांस्कृतिक संगठनों के लिए महत्वपूर्ण है जो भारतीय कला, संगीत, नृत्य, नाटक, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का कार्य कर रहे हैं. वित्तीय सहायता मिलने से वे बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं, कलाकारों को मंच उपलब्ध करा सकते हैं और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने में योगदान दे सकते हैं.
‘कैच द रेन’ अभियान से बदली कोरबा की तस्वीर, जल संरक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर बना मिसाल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. इस योजना का लाभ किसे मिल सकता है?
राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत और पात्रता शर्तें पूरी करने वाले पंजीकृत सांस्कृतिक संगठन इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.
2. अधिकतम कितनी वित्तीय सहायता मिल सकती है?
विशेष मामलों में पात्र संगठनों को ₹5 करोड़ तक की वित्तीय सहायता दी जा सकती है.
3. क्या आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार आवेदन ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं.
4. क्या संगठन को अपनी ओर से भी राशि खर्च करनी होगी?
हां. स्वीकृत परियोजना लागत का 33% संगठन को अपनी ओर से वहन करना होगा, जबकि मंत्रालय अधिकतम 67% तक सहायता प्रदान करेगा.
Source: Ministry Of Culture


