भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (India-UK CETA) लागू होने के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों से पहली निर्यात खेप (First Export Consignments) ब्रिटेन के लिए रवाना कर दी गई. इस अवसर पर कई राज्यों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां अधिकारियों ने निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
सरकार का मानना है कि CETA लागू होने से भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी और निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे.
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बेंगलुरु से हुई पहली खेप की शुरुआत
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त चंद्रु अय्यर ने UK जाने वाली पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
उन्होंने कहा कि समझौते के बाद दोनों देशों के उत्पादों को प्राथमिकता वाले शुल्क (Preferential Tariffs) का लाभ मिलेगा, जिससे भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार को नई गति मिलेगी.
कोलकाता से भेजे गए आभूषण, चाय और पान
पश्चिम बंगाल के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो कॉम्प्लेक्स में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया.
यहां से जिन प्रमुख उत्पादों की पहली खेप भेजी गई, उनमें शामिल हैं:
- सोने के आभूषण
- पान के पत्ते
- चाय
- कॉफी
राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तापस रॉय ने इसे भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन बताया. उन्होंने कहा कि इस समझौते से जूट, इंजीनियरिंग उत्पादों और पूर्वोत्तर भारत के उत्पादों को भी बड़ा लाभ मिलेगा.
तेलंगाना के निर्यातकों को मिलेगा बड़ा फायदा
हैदराबाद से भी CETA के तहत पहली निर्यात खेप को रवाना किया गया.
कार्यक्रम में उद्योग विभाग, DGFT, VSEZ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
अधिकारियों के अनुसार इस समझौते से:
- भारतीय उत्पादों पर शुल्क कम होगा.
- कस्टम प्रक्रिया आसान बनेगी.
- नियामकीय सहयोग बेहतर होगा.
- तेलंगाना के निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.
पंजाब से रवाना हुए रेडीमेड गारमेंट्स और ऊनी धागे
पंजाब के अमृतसर और लुधियाना से भी पहली निर्यात खेप ब्रिटेन के लिए रवाना की गई.
- अमृतसर से रेडीमेड गारमेंट्स की खेप एयर इंडिया की सीधी उड़ान से बर्मिंघम भेजी गई.
- लुधियाना से वूलन और वर्स्टेड यार्न का निर्यात शुरू हुआ.
सरकार के अनुसार CETA के तहत भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन में शून्य आयात शुल्क (Zero Duty) का लाभ मिलेगा.
इसका सबसे अधिक फायदा इन क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है:
- टेक्सटाइल
- लेदर
- इंजीनियरिंग
- फूड प्रोसेसिंग
- फार्मास्यूटिकल्स
- MSME
मुंबई से भी शुरू हुआ निर्यात
महाराष्ट्र में न्हावा शेवा बंदरगाह और SEEPZ-SEZ, मुंबई से भी पहली निर्यात खेप रवाना की गई.
न्हावा शेवा से जिन क्षेत्रों के उत्पाद भेजे गए उनमें शामिल हैं:
- केमिकल्स
- फार्मास्यूटिकल्स
- प्लास्टिक उत्पाद
- खाद्य उत्पाद
- एंजाइम
- मसाले
वहीं SEEPZ-SEZ से रत्न एवं आभूषण क्षेत्र की निर्यात खेप भेजी गई.
अधिकारियों के अनुसार UK द्वारा 4 प्रतिशत आयात शुल्क समाप्त किए जाने से केवल रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को ही हर वर्ष लगभग ₹84 करोड़ का शुल्क लाभ मिलने का अनुमान है. इससे निवेश, रोजगार और निर्यात में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.
CETA से भारतीय निर्यातकों को क्या मिलेगा?
सरकार के अनुसार भारत-UK CETA लागू होने से:
- 99% भारतीय निर्यात को Zero Duty Market Access मिलेगा.
- 137 सेवा क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे.
- भारतीय MSME को वैश्विक बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी.
- निर्यातकों की लागत कम होगी.
- व्यापार और निवेश दोनों में तेजी आने की संभावना है.
FAQs
1. India-UK CETA लागू होने के बाद पहली खेप किन राज्यों से भेजी गई?
कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, पंजाब और महाराष्ट्र से पहली निर्यात खेप UK भेजी गई.
2. CETA से भारतीय निर्यातकों को सबसे बड़ा फायदा क्या होगा?
लगभग 99% भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन में Zero Duty Market Access मिलेगा.
3. किन प्रमुख उत्पादों का निर्यात शुरू हुआ?
सोने के आभूषण, चाय, कॉफी, पान के पत्ते, रेडीमेड गारमेंट्स, ऊनी धागे, केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, मसाले और खाद्य उत्पाद.
4. रत्न एवं आभूषण उद्योग को कितना लाभ मिलने का अनुमान है?
UK का 4% आयात शुल्क समाप्त होने से इस क्षेत्र को लगभग ₹84 करोड़ वार्षिक शुल्क लाभ मिलने का अनुमान है.
Source: Ministry Of Commerce


