UP Weather Update 17 July 2026: 17 जुलाई से उत्तर प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी रहने की संभावना है. अगले कई दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ेंगी. खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 जुलाई से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि 19 जुलाई के बाद कई इलाकों में बारिश का दायरा और व्यापक हो सकता है. मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के आधार पर लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.
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17 जुलाई का मौसम कैसा रहेगा
17 जुलाई 2026, शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है. इस दिन क्षेत्र के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है.
वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कहीं-कहीं वर्षा और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है. इसके साथ ही कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने और कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ वज्रपात की आशंका भी जताई गई है.
अगले दिनों में कैसा रहेगा मौसम
| दिनांक | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | पूर्वी उत्तर प्रदेश |
|---|---|---|
| 17 जुलाई, शुक्रवार | कहीं-कहीं बारिश और गरज चमक | कहीं-कहीं बारिश, कुछ स्थानों पर भारी वर्षा |
| 18 जुलाई, शनिवार | कुछ स्थानों पर बारिश | अनेक स्थानों पर बारिश |
| 19 जुलाई, रविवार | अनेक स्थानों पर बारिश | लगभग सभी स्थानों पर बारिश |
| 20 जुलाई, सोमवार | अनेक स्थानों पर बारिश | लगभग सभी स्थानों पर बारिश |
| 21 जुलाई, मंगलवार | अनेक स्थानों पर बारिश | लगभग सभी स्थानों पर बारिश |
| 22 जुलाई, बुधवार | अनेक स्थानों पर बारिश | लगभग सभी स्थानों पर बारिश |
18 से 22 जुलाई के बीच चेतावनी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 जुलाई को कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना है. 19, 20, 21 और 22 जुलाई को कहीं-कहीं भारी वर्षा के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका बनी रहेगी.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 जुलाई को कहीं-कहीं भारी वर्षा और मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना है. 19, 20 और 21 जुलाई को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ मेघगर्जन और वज्रपात का खतरा बना रह सकता है. 22 जुलाई को भी कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है.
किन लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे शहरों और कस्बों में यातायात प्रभावित हो सकता है. भारी वर्षा वाले इलाकों में खेतों में पानी भरने की संभावना रहेगी. बिजली गिरने की आशंका के कारण खुले मैदान, खेत, नदी किनारे और ऊंचे पेड़ों के आसपास मौजूद लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी. दैनिक यात्रा करने वाले लोगों को मौसम के अनुसार अपनी योजना बनानी चाहिए.
क्या सावधानियां बरतें
- गरज चमक के दौरान खुले स्थान पर खड़े न रहें.
- बिजली चमकने पर पेड़, बिजली के खंभे और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें.
- भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें.
- किसानों को मौसम की स्थिति देखकर खेतों में कार्य की योजना बनानी चाहिए.
- यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट अवश्य देखें.
- बच्चों और बुजुर्गों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर जाने से बचाएं.
मौसम को लेकर क्या संकेत मिल रहे हैं
पूर्वानुमान के अनुसार 17 जुलाई के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दायरा बढ़ सकता है, हालांकि भारी वर्षा की संभावना पूर्वी हिस्से की तुलना में अपेक्षाकृत कम क्षेत्रों तक सीमित है. जिन जिलों में भारी या बहुत भारी वर्षा की चेतावनी है, वहां स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी होगा.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग.
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FAQs
1. 17 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक बारिश कहां होने की संभावना है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से कहीं-कहीं बारिश और गरज चमक की संभावना है.
2. क्या 17 जुलाई को वज्रपात का खतरा रहेगा?
हां. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना बताई गई है.
3. सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत कब है?
19 से 21 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना के कारण अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है.
4. क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश हो सकती है?
हां. 19 जुलाई से 22 जुलाई के बीच कहीं-कहीं भारी वर्षा के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है.
5. खराब मौसम के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
गरज चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें.


