झज्जर/हरियाणा: देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे के हरियाणा सेक्शन का भव्य उद्घाटन किया. झज्जर जिले के निलोठी क्षेत्र से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के परिवहन और आर्थिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है. इस ऐतिहासिक शुरुआत को हरियाणा के विकास के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है.
दिल्ली–जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे के हरियाणा सेक्शन के शुरू होने के साथ झज्जर जिले को विकास की बड़ी सौगात मिली है. यह एक्सप्रेसवे जिले के निलोठी क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिससे झज्जर का सड़क नेटवर्क देश के प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों से और बेहतर तरीके से जुड़ गया है. एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद दिल्ली से जम्मू और कटरा तक की यात्रा पहले के मुकाबले अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी. इससे माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को भी समय और परिवहन लागत में राहत मिलेगी. आधुनिक सड़क नेटवर्क से माल ढुलाई तेज होगी और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी.
झज्जर पहले से ही हरियाणा के उभरते औद्योगिक जिलों में शामिल है. एक्सप्रेसवे के संचालन से यहां नए उद्योग, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, होटल, ढाबे और पेट्रोल पंप जैसी व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है. इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. बेहतर कनेक्टिविटी के चलते झज्जर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है. तेज परिवहन व्यवस्था उद्योगों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ निर्यात गतिविधियों को भी गति देगी. वहीं किसानों को अपनी उपज कम समय में बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी.
उद्घाटन से पहले NHAI के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने हसनगढ़ टोल प्लाजा का निरीक्षण किया. उन्होंने यातायात संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सुविधाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. अधिकारियों ने परियोजना के संचालन में गुणवत्ता, सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही. यह एक्सप्रेसवे हरियाणा में आधुनिक कनेक्टिविटी, निवेश, उद्योग, पर्यटन और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है.


