पारंपरिक कारीगरों को देश और दुनिया के बड़े बाजारों से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा (PM Vishwakarma) योजना के तहत शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चंडीगढ़ पर दूसरा PMV स्टॉल शुरू किया है.
यह स्टॉल 14 जुलाई 2026 को शुरू किया गया. इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के सामने अपने हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर उपलब्ध कराना है.
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भोपाल के बाद चंडीगढ़ बना दूसरा एयरपोर्ट
MSME मंत्रालय के अनुसार यह किसी हवाई अड्डे पर शुरू किया गया दूसरा परिचालन PMV स्टॉल है.
इससे पहले पहला PM Vishwakarma स्टॉल राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल में शुरू किया गया था.
चंडीगढ़ में यह पहल राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) तथा एक स्वयं सहायता समूह (SHG) के सहयोग से शुरू की गई है.
तीन कारीगरों को मिला सीधा बाजार
इस स्टॉल के माध्यम से चंडीगढ़ के तीन PM Vishwakarma लाभार्थियों को अपने उत्पाद बेचने का अवसर मिला है.
इनमें शामिल हैं:
- श्री बेजू तुलसीदास – बांस और टोकरी (Basket) बनाने वाले कारीगर
- कुमारी शाइस्ता रानी – गुड़िया एवं खिलौने बनाने वाली शिल्पकार
- श्री राहुल कुमार – पारंपरिक कुम्हार (Potter)
ये सभी अपने हस्तनिर्मित उत्पाद सीधे यात्रियों तक पहुंचा सकेंगे.
एयरपोर्ट स्टॉल से क्या होगा फायदा?
उच्च यात्री संख्या वाले स्थान पर स्टॉल मिलने से कारीगरों को कई नए अवसर मिलेंगे.
मुख्य लाभ:
- घरेलू और विदेशी ग्राहकों तक सीधी पहुंच
- हस्तशिल्प उत्पादों की बेहतर पहचान
- बिक्री बढ़ने की संभावना
- बाजार की मांग को समझने का अवसर
- उत्पाद प्रस्तुति (Product Presentation) में सुधार
- नए व्यावसायिक अवसरों का विस्तार
सरकार का मानना है कि इससे पारंपरिक शिल्पकारों की आय बढ़ाने और उनके लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करने में मदद मिलेगी.
‘Vocal for Local’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगा बल
यह पहल प्रधानमंत्री के ‘Vocal for Local’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती देती है.
एयरपोर्ट जैसे प्रमुख स्थानों पर स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित करने से भारतीय पारंपरिक कला और शिल्प को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है.
क्या है PM Vishwakarma योजना?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना वर्ष 2023 में शुरू की गई केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है.
यह योजना हाथों और पारंपरिक औजारों से काम करने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करती है.
योजना के तहत लाभार्थियों को निम्न सुविधाएं मिलती हैं:
- पहचान एवं प्रमाणन
- कौशल प्रशिक्षण
- आधुनिक टूलकिट सहायता
- बिना गारंटी ऋण (Collateral-free Credit)
- डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन
- बाजार से जोड़ने की सुविधा (Market Linkage)
इसका उद्देश्य कारीगरों के उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और आय में सुधार करना है.
सफलता की कहानियां भी उपलब्ध
MSME मंत्रालय ने बताया कि PM Vishwakarma योजना की आधिकारिक वेबसाइट के Knowledge Centre (E-Book) सेक्शन में देशभर के लाभार्थियों की सफलता की कहानियों वाला Coffee Table Booklet भी उपलब्ध कराया गया है.
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FAQs
1. चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर PM Vishwakarma स्टॉल क्यों शुरू किया गया?
इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को अधिक ग्राहकों तक पहुंच और अपने हस्तनिर्मित उत्पाद बेचने के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराना है.
2. यह देश का कौन-सा PMV एयरपोर्ट स्टॉल है?
यह देश का दूसरा परिचालन PM Vishwakarma एयरपोर्ट स्टॉल है. पहला स्टॉल भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर शुरू किया गया था.
3. PM Vishwakarma योजना कब शुरू हुई थी?
यह योजना वर्ष 2023 में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए शुरू की गई थी.
4. PM Vishwakarma योजना के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट, बिना गारंटी ऋण, डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन और बाजार से जुड़ने जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं.
Source: Ministry of Micro,Small & Medium Enterprises


