Rajasthan Weather Update 22 July 2026: राजस्थान में मानसून एक बार फिर मजबूत स्थिति में पहुंच गया है. उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्र के ऊपर बना परिसंचरण तंत्र तथा मानसून ट्रफ लाइन का अपने सामान्य स्थान से होकर गुजरना राज्य में बारिश की गतिविधियों को लगातार बढ़ा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार 22 जुलाई 2026 से आगामी 4 से 5 दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की प्रबल संभावना है. इस दौरान पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश दर्ज हो सकती है. लोगों को मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
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क्यों सक्रिय हुआ मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र विकसित हुआ है. इसके साथ ही मानसून ट्रफ लाइन भी अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है. इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान में लगातार नमी पहुंच रही है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है.
22 जुलाई से 26 जुलाई तक कहां-कहां होगी बारिश
22 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के बीच कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है. कई स्थानों पर अच्छी वर्षा हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी और एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश भी दर्ज होने की संभावना है.
| तारीख | दिन | संभावित मौसम |
|---|---|---|
| 22 जुलाई 2026 | बुधवार | अधिकांश संभागों में बारिश. कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश की संभावना. |
| 23 जुलाई 2026 | गुरुवार | पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मानसून सक्रिय. कई स्थानों पर वर्षा. |
| 24 जुलाई 2026 | शुक्रवार | कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर सहित कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश के आसार. |
| 25 जुलाई 2026 | शनिवार | जोधपुर और बीकानेर संभाग सहित कई जिलों में बारिश जारी रहने की संभावना. |
| 26 जुलाई 2026 | रविवार | राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बनी रहने के संकेत. |
किन क्षेत्रों पर रहेगा ज्यादा असर
पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल सकता है. कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश से जलभराव, निचले क्षेत्रों में पानी भरने और स्थानीय यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है. वहीं जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है.
आम लोगों पर संभावित असर
लगातार बारिश के कारण शहरों में जलभराव, ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर आवागमन में परेशानी और कुछ स्थानों पर दृश्यता कम होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर यातायात धीमा पड़ सकता है. खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से खरीफ फसलों को लाभ मिलने की संभावना भी बनी रहेगी.
इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान
भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें. जलभराव वाले रास्तों से वाहन निकालने का जोखिम न लें. बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें. मौसम विभाग द्वारा जारी स्थानीय चेतावनियों पर लगातार नजर रखें. नदी, नाले और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के आसपास सावधानी बरतें. बच्चों और बुजुर्गों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रखें.
मौसम विभाग की सलाह
मौसम की स्थिति अगले कुछ दिनों तक तेजी से बदल सकती है. इसलिए नागरिकों, किसानों और यात्रियों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है. जिन क्षेत्रों में भारी या अतिभारी बारिश की संभावना है वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी होगा.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) तथा राजस्थान मौसम केंद्र, जयपुर द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान.
FAQ
1. राजस्थान में भारी बारिश कब तक रहने की संभावना है?
22 जुलाई 2026 से अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है.
2. किन संभागों में सबसे ज्यादा बारिश हो सकती है?
कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है.
3. क्या कहीं अतिभारी बारिश का भी अलर्ट है?
हां. कुछ स्थानों पर भारी और एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है.
4. क्या इस दौरान यात्रा करना सुरक्षित रहेगा?
यदि आपके क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी हो तो यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें और जलभराव वाले मार्गों से बचें.
5. मानसून सक्रिय होने का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर बने परिसंचरण तंत्र और अपने सामान्य स्थान से गुजर रही मानसून ट्रफ लाइन के संयुक्त प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी है.


