MP Weather Update 5 September 2026: मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है. शुक्रवार 4 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई. भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार 5 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहने का अनुमान है. कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
इन जिलों में बारिश का ज्यादा असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक विदिशा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर और श्योपुरकलां जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश हो सकती है. भोपाल, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, दतिया, भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी समेत कई जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना है.
भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी
विदिशा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी दी गई है. भोपाल, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सतना, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका है.
मौसम बदलने की वजह क्या है
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से और उससे लगे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और अगले दो दिनों तक इसके लगभग एक ही स्थान पर बने रहने की संभावना है. इसके अलावा मानसून ट्रफ भी इस मौसम प्रणाली से होकर गुजर रही है.
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम
भोपाल और आसपास के इलाकों में सामान्यतः बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना है. एक या दो बार तेज बौछार पड़ सकती है. यहां अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
4 सितंबर की सुबह भोपाल में पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम था. इसी अवधि में 12.2 मिमी बारिश दर्ज की गई.
बारिश का असर और जरूरी सावधानी
तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है. नदी, नालों और जलप्रपातों का जलस्तर बढ़ने से निचले पुलों और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है. बिजली चमकने और आंधी के दौरान पेड़, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहें. संभव हो तो खराब मौसम में यात्रा टालें और घर के अंदर सुरक्षित रहें.
किसानों को बारिश के दौरान सिंचाई, खाद और पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है. खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें और तेज हवा से बचाव के लिए सब्जी, बेलदार तथा युवा फलदार पौधों को सहारा दें. कटी हुई उपज, बीज, खाद और कृषि उपकरणों को जलरोधक तिरपाल से ढककर रखें.
तापमान में गिरावट
पिछले 24 घंटे में भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान 2.1 से 2.6 डिग्री सेल्सियस तक गिरा. शहडोल और सागर संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.6 से 6.2 डिग्री तक कम रहा. प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस खरगोन और रतलाम में दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस धार में रहा.
5 सितंबर को क्या रखें ध्यान
बारिश और बिजली गिरने के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली स्रोत से अलग कर दें. पशुओं को खुले मैदान, तालाब और नदी के आसपास न रखें. मौसम की ताजा जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक अलर्ट पर नजर बनाए रखें.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र भोपाल, मध्य प्रदेश. दैनिक मौसम विवरण जारी करने का समय 4 सितंबर 2026, 13:00 IST.
5 Human Mind Based FAQ
1. क्या 5 सितंबर को मध्य प्रदेश में बाहर निकलना सुरक्षित रहेगा?
बारिश और गरज-चमक की संभावना वाले इलाकों में जरूरत न हो तो यात्रा टालना बेहतर है. निकलना जरूरी हो तो स्थानीय मौसम अलर्ट जरूर देखें.
2. किन जिलों के लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?
विदिशा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में अति भारी बारिश की चेतावनी के कारण विशेष सावधानी जरूरी है.
3. बिजली चमकने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
खुले स्थान से तुरंत सुरक्षित जगह जाएं. पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े न हों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली स्रोत से अलग कर दें.
4. किसानों को आज कौन सा काम टालना चाहिए?
बारिश के दौरान सिंचाई, खाद डालने और पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है. कटाई, मड़ाई और सुखाने का काम भी खराब मौसम में स्थगित करना बेहतर है.
5. क्या बारिश से सिर्फ शहरों में परेशानी हो सकती है?
नहीं. ग्रामीण और निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों या निचले पुलों पर पानी आने से आवाजाही प्रभावित हो सकती है.


