नई दिल्ली. “मेरी समिति मेरा पटल” क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (RICM), चंडीगढ़ द्वारा राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (NCCT) के अंतर्गत स्वतंत्र रूप से तैयार और शुरू की गई एक पहल है. इसका उद्देश्य प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को प्रशिक्षण, सुशासन और डिजिटल पहचान के माध्यम से सशक्त और आधुनिक बनाना है. यह जानकारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी.
पहल का उद्देश्य
सरकार के अनुसार, “मेरी समिति मेरा पटल” पहल का उद्देश्य प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना, उनके प्रशासनिक ढांचे को बेहतर बनाना और उनकी सार्वजनिक पहचान को बढ़ाना है.
डिजिटल प्रोफाइल और केंद्रीकृत डेटा प्रणाली
इस पहल के तहत PACS की डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने और एक केंद्रीकृत, पारदर्शी तथा रियल-टाइम डेटा प्रणाली विकसित करने की व्यवस्था की गई है. सरकार के अनुसार, इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी.
किन क्षेत्रों में लागू है पहल
सरकार ने बताया कि इस पहल का क्रियान्वयन वर्तमान में RICM चंडीगढ़ के अधिकार क्षेत्र में किया जा रहा है. इसमें निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं.
- पंजाब
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू और कश्मीर
- दिल्ली
- चंडीगढ़
- लेह-लद्दाख
पूरे देश में विस्तार का प्रस्ताव नहीं
लोकसभा में दिए गए उत्तर के अनुसार, वर्तमान समय में इस पोर्टल का विस्तार पूरे देश में करने का कोई प्रस्ताव नहीं है.
PACS और MPCS को अपेक्षित लाभ
सरकार के अनुसार, इस पहल के लागू क्षेत्रों में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) और बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों (MPCS) के लिए निम्नलिखित लाभ अपेक्षित हैं.
डिजिटल पहचान और पारदर्शिता
प्रत्येक PACS और MPCS की डिजिटल प्रोफाइल तैयार किए जाने की अपेक्षा है, जिसमें समिति का इतिहास, सदस्यता, उपलब्ध सेवाएं, प्राप्त योजनाएं और प्रशासनिक संरचना जैसी जानकारी शामिल होगी.
सार्वजनिक पहचान में वृद्धि
इस पहल के माध्यम से PACS और MPCS की सार्वजनिक स्तर पर पहचान और दृश्यता बढ़ने की अपेक्षा है.
रियल-टाइम डेटा तक पहुंच
इस पहल के तहत रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराने के माध्यम से पारदर्शिता को बढ़ावा दिए जाने की अपेक्षा है.
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लोकसभा में दी गई जानकारी
यह जानकारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी.
Source: Ministry of Cooperation


