CJP Hotel Party Video: जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद अब CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) नेताओं की होटल पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. बीजेपी नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने आंदोलन की फंडिंग पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की है. वहीं, होटल के मैनेजर ने पहली बार कार्यक्रम को लेकर कई अहम जानकारियां साझा की हैं.
पटेल नगर स्थित होटल के मैनेजर के मुताबिक, कार्यक्रम से एक दिन पहले होटल मालिक का फोन आया था. उन्हें बताया गया कि करीब 150 से 200 लोगों के लिए एक आयोजन करना है. इसके बाद होटल स्टाफ ने तैयारियां शुरू कर दीं. मैनेजर ने बताया कि शाम करीब 6:15 बजे के बाद मेहमानों का आना शुरू हुआ और बाद में पता चला कि कार्यक्रम में CJP के कई नेता और समर्थक मौजूद हैं.
क्या था पार्टी का मेन्यू?
होटल मैनेजर के अनुसार, पार्टी में सामान्य शाकाहारी बुफे की व्यवस्था की गई थी. मेन्यू में रोटी, चावल, दाल और पनीर के कई व्यंजन शामिल थे. उन्होंने कहा कि यह कोई लग्जरी या थीम आधारित पार्टी नहीं थी, बल्कि सामान्य डिनर का आयोजन था.
DJ था, लेकिन शराब नहीं
वायरल वीडियो में लोगों को डांस करते देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए गए. हालांकि होटल मैनेजर ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में DJ और संगीत की व्यवस्था थी, लेकिन होटल की ओर से किसी भी तरह की शराब नहीं परोसी गई. उनके मुताबिक, पार्टी केवल भोजन और संगीत तक सीमित थी.
BJP ने फंडिंग पर उठाए सवाल
वायरल वीडियो साझा करते हुए बीजेपी नेता महेश जेठमलानी ने सवाल उठाया कि आंदोलन के दौरान यात्रा, भोजन, ठहरने, तकनीकी सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च किसने उठाया. उन्होंने पूरे आंदोलन की फंडिंग की जांच कराने की मांग की.
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CJP और कांग्रेस का जवाब
महेश जेठमलानी के आरोपों पर CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि नई पीढ़ी आंदोलन करने के साथ-साथ अपनी सफलता का जश्न भी मना सकती है. उन्होंने कहा कि आज का युवा सड़क पर प्रदर्शन भी करता है, बैठकों में कॉफी भी पीता है और जीत मिलने पर जश्न भी मनाता है, इसलिए आंदोलन को पुराने नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. वहीं, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी बीजेपी के आरोपों पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के इस तरह के आरोप लगाने से बचना चाहिए और सही समय पर ही बयान देना बेहतर होता है.


