Ayodhya News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध, खेल, सामाजिक एवं आधारभूत विकास की उपलब्धियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है. विश्वविद्यालय के भविष्यगामी विस्तार की दिशा में नवीन परिसर से लगे लगभग 6.5 हेक्टेयर भूमि का क्रय एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो संस्थान के अकादमिक एवं शोध विस्तार को नई गति प्रदान करेगा.
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659 महाविद्यालय एवं संस्थान संबद्ध
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय से वर्तमान में अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर और अमेठी जनपदों के 659 महाविद्यालय एवं संस्थान संबद्ध हैं. इनमें 02 संघटक, 08 राजकीय, 15 अनुदानित तथा 634 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शामिल हैं. विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में लगभग छह लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. वर्तमान सत्र 2026-27 में संबद्ध महाविद्यालयों में अब तक 1,88,315 विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है, जबकि विश्वविद्यालय परिसर में तीन हजार से अधिक प्रवेश हो चुके हैं. परिसर में इस सत्र 18 नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में नालंदा विश्वविद्यालय की तर्ज पर निर्मित तालाब का उद्घाटन 27 जून को किया गया. स्वतंत्र विद्युत फीडर की सुविधा शुरू की गई है. पेयजल व्यवस्था, एसटीपी, ईडीपी बेसमेंट वाटरप्रूफिंग एवं बाउंड्रीवाल सहित विभिन्न निर्माण कार्य प्रगति पर हैं. पीएम ऊषा योजना के अंतर्गत परीक्षा भवन, आठ कोर्ट वाले इंडोर गेम्स परिसर, स्किल डेवलपमेंट हब एवं इनक्यूबेशन सेल का निर्माण भी किया जा रहा है.
120 स्वर्ण पदकों में 86 छात्राओं ने किया हासिल
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने 3200 वर्ग मीटर क्षेत्र में मियांबाकी पद्धति से लगभग 10 हजार स्थानीय फलदार, औषधीय एवं छायादार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है. सामाजिक सरोकारों के तहत नशा मुक्ति अभियान, गोद लिए गांवों में ‘पढ़े विद्यालय और बढ़े विद्यालय’, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जांच, टीबी रोगियों को पोषण सहायता तथा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए. कुलपति ने बताया कि सत्र 2025-26 में परीक्षा में उत्तीर्ण 1,66,055 विद्यार्थियों में छात्राओं की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत रही. दीक्षांत समारोह में प्रदान किए जाने वाले 120 स्वर्ण पदकों में 86 छात्राओं ने हासिल किए हैं. उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धि का महत्वपूर्ण प्रमाण बताया. शोध एवं अकादमिक क्षेत्र में वर्ष 2026 में अब तक 21 शोध परियोजनाएं, 20 नए एमओयू, 04 अंतरराष्ट्रीय एवं 22 राष्ट्रीय संगोष्ठियां/कार्यशालाएं आयोजित की गईं. इसी अवधि में 187 शोध पत्र, 92 बुक चैप्टर और 09 पेटेंट प्रकाशित हुए. विश्वविद्यालय ने आईआईआरएफ, एडुरैंक, यूनीरैंक, तथा नेचर इंडेक्स जैसी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भी उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है.
ई-बुक्स एवं ई-जर्नल्स की ऑनलाइन सुविधा
खेल क्षेत्र में विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने सत्र 2025-26 में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 03 स्वर्ण, 02 रजत एवं 04 कांस्य पदक हासिल किए. केंद्रीय पुस्तकालय के आधुनिकीकरण के साथ कंप्यूटर लैब, भारतीय ज्ञान परंपरा कक्ष, प्रतियोगी परीक्षा सेल, ई-बुक्स एवं ई-जर्नल्स की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है. कुलपति ने कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. वर्ष 2025 के दीपोत्सव में विश्वविद्यालय के लगभग 30 हजार विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने 55 घाटों पर दीप प्रज्वलित कर आयोजन को वैश्विक पहचान दिलाने में योगदान दिया. दीक्षांत समारोह के अंत में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री संजय श्रीनेत, उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी सहित अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का संचालन प्रो0 नीलम पाठक ने किया. मेधावियों को स्वर्णपदक एवं उपाधियों का वितरण एवं अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव विनय कुमार सिंह द्वारा किया गया.
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दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की प्रथम महिला मीना सिंह, जिलाधिकारी शंशाक त्रिपाठी, एसएसपी डां.गौरव ग्रोवर, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, वित्त अधिकारी पुर्णेन्दु शुक्ल, कार्यपरिषद, विद्यापरिषद सहित विश्वविद्यालय के आचार्य एवं उपाधिधारक मौजूद रहे.


