Maharajganj News: गोरखपुर-फरेंदा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-730) को अब परतावल से फरेंदा तक फोरलेन करने की तैयारी तेज हो गई है. करीब 41 किलोमीटर लंबे इस हिस्से को चौड़ा करने के लिए महराजगंज के 48 गांवों से जमीन अधिग्रहित की जाएगी. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया इसी महीने के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है. परियोजना को मई में अनुमति मिलने के बाद विभाग ने ए गजट प्रकाशित कराया है. अब थ्री-डी प्रकाशन और स्माल ए गजट की प्रक्रिया पूरी होते ही जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.
सदर के 23 और फरेंदा के 25 गांव शामिल
फोरलेन के लिए सदर तहसील क्षेत्र के 23 गांव और फरेंदा ब्लॉक के 25 गांव चिह्नित किए गए हैं. संबंधित गांवों में गाटा सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है, जिसे 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य है. भूमि अर्जन विभाग ने दोनों क्षेत्रों के एसडीएम को गांवों की सूची भेजकर आवश्यक कार्रवाई के लिए अवगत करा दिया है. थ्री-डी और स्माल ए गजट के प्रकाशन के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
41 किमी टू-लेन सड़क बनेगी फोरलेन
वर्तमान में गोरखपुर से परतावल तक NH-730 फोरलेन है, जबकि परतावल से फरेंदा तक 41 किलोमीटर का हिस्सा टू-लेन है. अब इसी हिस्से को फोरलेन में तब्दील किया जाएगा. बढ़ते यातायात दबाव, आबादी और क्षेत्र में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही थी. केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस मार्ग को फोरलेन करने की मांग रखी थी. इसके बाद सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशन में सर्वे कराया गया. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर 48 गांवों को परियोजना के दायरे में शामिल किया गया है.
पांच पुल होंगे उच्चीकृत
परतावल-फरेंदा फोरलेन परियोजना के 41 किलोमीटर हिस्से में पांच पुलों को भी उच्चीकृत किया जाएगा. फोरलेन बनने के बाद यातायात क्षमता बढ़ेगी और गोरखपुर से फरेंदा तक वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी.
सोनौली हाईवे से जुड़ेगा फोरलेन
परतावल से फरेंदा तक बनने वाला फोरलेन फरेंदा में ओवरब्रिज के पास सोनौली-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा. सोनौली मार्ग को भी छह लेन में विकसित किया जा रहा है. ऐसे में गोरखपुर से फरेंदा होते हुए नेपाल सीमा तक पहुंचना पहले के मुकाबले आसान और तेज हो जाएगा. इससे नेपाल आने-जाने वाले यात्रियों के साथ मालवाहक वाहनों को भी फायदा मिलेगा.
व्यापार और कारोबार को मिलेगी रफ्तार
फोरलेन बनने से महराजगंज के कारोबारियों को सबसे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. व्यापारियों के मुताबिक, गोरखपुर से परतावल तक भारी वाहन आसानी से पहुंचते हैं, लेकिन परतावल से महराजगंज के बीच टू-लेन सड़क के कारण कई बार परेशानी होती है. सड़क चौड़ी होने के बाद माल ढुलाई आसान हो जाएगी. इसके अलावा बिहार के रास्ते नेपाल जाने वाले लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. व्यापारियों और ईंट-भट्ठा संचालकों को झारखंड और पश्चिम बंगाल से बिहार के रास्ते आने वाला कोयला भी कम समय में महराजगंज पहुंचने की उम्मीद है.
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इन गांवों से होगी जमीन अधिग्रहित
फरेंदा तहसील क्षेत्र में मथुरानगर, कम्हरिया खुर्द, सेमराडाड़ी, बड़हरा देवीचरन, गोपालपुर, पिपरा विशम्भरपुर, जंगल जोगिया बारी, करहिया, परसिया बुजुर्ग, पोखर भिंडा, झुनवा, रूनुआ, सोनबरसा, चौतरवा, गोपालपुर सुम्हाखोर, महदेवा सुम्हाखोर, गोबिंदपुर, खजुरिया, बहादुरगढ़, मुजहना, रामनगर और भैंसहिया समेत अन्य गांव शामिल हैं. वहीं सदर क्षेत्र के परतावल, छातीराम, पिपरिया, कोटवा, पंचरुखिया, भैंसा, धरमपुर, अगया, सोहरौना, गौनरिया, रुद्रापुर, मनियार छपरा, सेमरा, भटौली, बरवां विद्यापति, पिपरा बाबू, संवरेजी, मुजहना खुर्द, सतभरिया और सिसवा बाबू समेत अन्य गांवों की जमीन परियोजना के लिए ली जाएगी. भूमि अर्जन अधिकारी विजय कुमार के मुताबिक, 48 गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया इसी महीने शुरू होगी. गाटा सत्यापन 15 अगस्त तक पूरा करने और इसके बाद आवश्यक गजट प्रकाशन की कार्रवाई आगे बढ़ाने की तैयारी है.


