Bareilly Mathura Highway: उत्तर प्रदेश में बन रहा बरेली-मथुरा फोरलेन हाईवे (NH-530B) पश्चिमी यूपी के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित होने जा रहा है. करीब 265 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के तैयार होने के बाद बरेली से मथुरा का सफर, जिसमें अभी 7 से 8 घंटे तक लग जाते हैं, घटकर करीब 3 घंटे होने की उम्मीद है. करीब 7,700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह कॉरिडोर बरेली, बदायूं, कासगंज, हाथरस और मथुरा को सीधे जोड़ेगा.
2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
NHAI इस हाईवे को अलग-अलग पैकेज में तैयार कर रहा है. पूरे कॉरिडोर को फोरलेन बनाया जा रहा है, जबकि व्यस्त इलाकों में 6-लेन की व्यवस्था की जा रही है. भविष्य में हाईवे को और विस्तार देने को ध्यान में रखते हुए कई पुलों को भी 6-लेन बनाया जा रहा है. परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
कई हिस्सों में तेजी से चल रहा काम
मथुरा बाईपास से हाथरस तक का हिस्सा पूरा हो चुका है और इस पर यातायात शुरू हो गया है. इस बाईपास से राया में लगने वाले जाम से भी यात्रियों को राहत मिली है. हाथरस-कासगंज-बदायूं सेक्शन: हाथरस से सिकंदराराऊ के बीच निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जबकि कासगंज से बदायूं के बीच भी काम तेजी से चल रहा है. बदायूं से बरेली के बीच हाईवे निर्माण का काम भी लगातार आगे बढ़ रहा है.
इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
यह कॉरिडोर मथुरा से शुरू होकर हाथरस, सिकंदराराऊ, कासगंज और बदायूं होते हुए बरेली तक पहुंचेगा. हाईवे बनने से इन जिलों के बीच आवाजाही आसान होगी. कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों को बड़े बाजारों तक तेज कनेक्टिविटी मिलेगी, वहीं भारी वाहनों को भी बेहतर और सीधा मार्ग उपलब्ध होगा.
दिल्ली-NCR से कनेक्टिविटी होगी आसान
इस हाईवे का एक बड़ा फायदा दिल्ली-NCR के यात्रियों को भी मिलने की उम्मीद है. मथुरा और हाथरस की कनेक्टिविटी पहले से ही यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से है. ऐसे में दिल्ली, नोएडा और आसपास के इलाकों से बरेली, बदायूं और कासगंज की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक और तेज रूट मिल सकेगा. बदायूं के पास यह हाईवे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे मेरठ, हापुड़ और दिल्ली-NCR की दिशा में जाने वाले वाहनों के लिए कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है.
शहरों के जाम से मिलेगी राहत
हाईवे के बाईपास बनने से कई शहरों के भीतर से गुजरने वाले ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है. मथुरा, राया, हाथरस और सिकंदराराऊ में बनाए गए बाईपास से वाहन शहर के भीतरी हिस्सों में प्रवेश किए बिना आगे निकल सकते हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले मथुरा और हाथरस जैसे शहरों के ट्रैफिक में फंसने से काफी समय बर्बाद होता था. अब बाईपास के जरिए यात्रा आसान हुई है. ट्रक चालक निशांत सिंह के मुताबिक, पहले पुराने रास्ते पर गड्ढों और ट्रैफिक के कारण काफी समय लगता था. नए हाईवे से यात्रा में करीब 4 से 5 घंटे तक की बचत हो रही है.
पश्चिमी यूपी की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
बरेली-मथुरा हाईवे के पूरी तरह तैयार होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के बीच यात्रा का समय घटने के साथ व्यापार, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. मथुरा से बरेली तक यह नया कॉरिडोर सिर्फ दो शहरों को जोड़ने वाला मार्ग नहीं, बल्कि पश्चिमी यूपी की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाला अहम हाईवे बन सकता है.


