Lucknow August 17: उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादक किसानों के लिए योगी सरकार ने तीन नई योजनाएं शुरू की हैं. इन योजनाओं के सफल और पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए नव विकसित ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया गया है. उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने लखनऊ के उद्यान भवन, सप्रू मार्ग में इस ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया.
नए पोर्टल के जरिए आलू उत्पादकों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा. सरकार की ओर से शुरू की गई तीन योजनाओं में 1000 करोड़ रुपये का भामाशाह भाव स्थिरता कोष, निजी कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू के भंडारण शुल्क में सहायता और आलू के बीज की खरीद पर छूट शामिल है.
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1000 करोड़ रुपये का भाव स्थिरता कोष
आलू उत्पादकों को बाजार मूल्य में गिरावट से होने वाले नुकसान से राहत देने के लिए 1000 करोड़ रुपये का भामाशाह भाव स्थिरता कोष शुरू किया गया है. इसके तहत किसानों को निर्धारित उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के बीच के अंतर के आधार पर सहायता देने की व्यवस्था की गई है.
आलू की उत्पादन लागत निर्धारित करने के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी. किसानों को निर्धारित उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत के बराबर या उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के बीच के अंतर के बराबर सब्सिडी दी जाएगी. इनमें से जो राशि कम होगी, उसी के आधार पर किसानों को सब्सिडी मिलेगी.
निजी कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने पर मिलेगी सहायता
आलू उत्पादकों को भंडारण लागत से राहत देने के लिए भी योजना शुरू की गई है. इसके तहत निजी कोल्ड स्टोरेज में रखे गए आलू के लिए किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल तक की सब्सिडी मिलेगी.
इस योजना में एक किसान को अधिकतम 20,000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी. इसका उद्देश्य किसानों पर पड़ने वाले भंडारण खर्च के बोझ को कम करना है.
आलू के बीज पर भी मिलेगी छूट
सरकार ने किसानों को नए और उच्च गुणवत्ता वाले आलू के बीज उपलब्ध कराने के लिए बीज बिक्री दर पर छूट की योजना भी शुरू की है. इसके तहत किसान विभाग का आधार बीज खरीदने पर अधिकतम 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक की छूट प्राप्त कर सकेंगे.
सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता से किसानों को बेहतर उत्पादन में मदद मिल सकती है और बीज की लागत का बोझ भी कम होगा.
ऑनलाइन पोर्टल से योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन
इन योजनाओं के सफल और पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए नव विकसित ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है. पोर्टल के जरिए आलू उत्पादकों से संबंधित योजनाओं को ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ने की व्यवस्था की गई है.
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उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आलू उत्पादकों को बाजार मूल्य में गिरावट, भंडारण लागत और गुणवत्तापूर्ण बीज की लागत से होने वाले नुकसान से राहत देना है. तीनों योजनाओं के जरिए किसानों को उत्पादन से लेकर भंडारण और बीज खरीद तक अलग-अलग स्तरों पर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है.


