Buxar Bhagalpur greenfield expressway: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए सरकार ने 336 किलोमीटर लंबे बक्सर-भागलपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी है. करीब 3,700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों को आपस में जोड़ेगा. इसके निर्माण के बाद बक्सर से भागलपुर का सफर करीब 8 घंटे से घटकर लगभग 4 घंटे रह जाने की उम्मीद है.
336 किलोमीटर लंबा और 6 लेन का होगा एक्सप्रेसवे
मंत्रिपरिषद ने पथ निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर बक्सर-भागलपुर 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है. इसे PPP (DBFOT-Toll) मॉडल पर बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) के जरिए विकसित किया जाएगा. करीब 336 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत 3,700 करोड़ रुपये है. परियोजना के लिए डीपीआर कंसल्टेंट और ट्रांजैक्शन एडवाइजर की सेवाएं लेने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी.
इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे बिहार के कई प्रमुख हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा. इससे बक्सर, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, पटना, मोकामा क्षेत्र, मुंगेर, जमुई और भागलपुर समेत कई इलाकों को फायदा होने की उम्मीद है. एक्सेस कंट्रोल्ड होने के कारण इस मार्ग पर तेज रफ्तार के साथ यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने का लक्ष्य है. साथ ही कॉरिडोर के आसपास बड़े भूखंडों को आर्थिक गतिविधियों के लिए विकसित करने की योजना भी है.
बक्सर से भागलपुर सिर्फ 4 घंटे में!
फिलहाल बक्सर से भागलपुर जाने में करीब 8 घंटे तक का समय लग सकता है. एक्सप्रेसवे बनने के बाद यही दूरी करीब 4 घंटे में पूरी होने की उम्मीद है. यानी दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय लगभग आधा हो सकता है.
दिल्ली-NCR तक भी आसान होगी राह
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका दूसरे एक्सप्रेसवे से जुड़ाव होगा. बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को यूपी-बिहार सीमा पर गाजीपुर-बलिया-मांझी घाट एक्सप्रेसवे के बक्सर लिंक से जोड़ने की योजना है. इसके बाद वाहन पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली-NCR तक पहुंच सकेंगे. इससे बिहार के कई शहरों की दिल्ली और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है.
पटना से लखनऊ और भागलपुर से नोएडा का सफर होगा आसान
नया एक्सप्रेसवे बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच हाई-स्पीड रोड नेटवर्क को मजबूत करेगा. इसके बनने के बाद पटना-लखनऊ, बक्सर-दिल्ली और भागलपुर-नोएडा जैसे रूट पर यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है.
गंगा एक्सप्रेसवे से भी जोड़ने की तैयारी
भविष्य में इस कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की भी योजना बताई गई है. प्रयागराज-वाराणसी-बलिया लिंक के जरिए कनेक्टिविटी विकसित होने पर बिहार से दिल्ली-NCR जाने के लिए एक और हाई-स्पीड वैकल्पिक मार्ग तैयार हो सकता है.
बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
बक्सर से भागलपुर तक बनने वाला यह एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रा का समय कम करने तक सीमित नहीं रहेगा. इसके जरिए बिहार के कई जिलों के बीच बेहतर संपर्क, माल ढुलाई में तेजी, निवेश की संभावनाओं और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. आने वाले वर्षों में यह कॉरिडोर बिहार के सड़क और आर्थिक नेटवर्क के लिए अहम भूमिका निभा सकता है.


