Ranchi, August 19: झारखंड सरकार ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने अनियमितताओं के चलते 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया है. सरकार की ओर से आठ अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर इसकी जानकारी दी गई. रद्द की गई परीक्षाओं में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और आउटसोर्स एजेंसी TSR Data Processing Pvt Ltd (TDPL) की ओर से 2014 से कराई गई परीक्षाएं शामिल हैं.
सरकार के इस फैसले से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मामला और महत्वपूर्ण हो गया है. इससे पहले सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में JSSC-Combined Graduate Level यानी JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया था. इसके साथ ही TDPL की ओर से कराई गई सभी परीक्षाओं और एजेंसी की ओर से जारी किए गए परिणामों को भी रद्द करने की घोषणा की गई थी.
44 भर्ती परीक्षाओं पर गिरी रद्द होने की गाज
राज्य सरकार की ओर से जारी आठ अधिसूचनाओं में कुल 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है. इनमें अलग-अलग विभागों के प्रशासनिक, तकनीकी और अन्य पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षाएं शामिल हैं.
रद्द की गई परीक्षाओं में ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिप्टी कलेक्टर, डेंटल डॉक्टर, असिस्टेंट इंजीनियर और सिविल जज जैसे पदों पर भर्ती से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं.
इसके अलावा एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के पदों पर भर्ती से संबंधित परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं.
लेक्चरर और वैज्ञानिक पदों की परीक्षाएं भी रद्द
सरकार के फैसले का असर सरकारी पॉलिटेक्निक में लेक्चरर के पदों पर भर्ती से जुड़ी परीक्षाओं पर भी पड़ा है. इसके अलावा सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट और कई अन्य प्रशासनिक और तकनीकी पदों के लिए आयोजित परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं.
इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों पर भी असर पड़ सकता है, जिन्होंने इन भर्ती परीक्षाओं में हिस्सा लिया था. सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं में परीक्षाओं को रद्द करने का कारण अनियमितताओं से जुड़ा बताया गया है.
हाईकोर्ट में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग
सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं में JPSC और JSSC से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट से फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करने की बात भी कही गई है.
सरकार का उद्देश्य इन मामलों की सुनवाई को तेजी से आगे बढ़ाना है. इसके साथ ही JPSC और JSSC में आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ यानी Internal Vigilance Cell गठित करने का भी फैसला लिया गया है.
इस व्यवस्था के जरिए भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों में निगरानी और सतर्कता व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी.
अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली समिति देगी रिपोर्ट
JPSC और JSSC में सुधार के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में पहले ही एक समिति गठित की जा चुकी है. यह समिति भर्ती परीक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधारों को लेकर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी.
सरकार के अनुसार, समिति को अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर सौंपनी है. रिपोर्ट में भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी सुझाव दिए जाएंगे.
JSSC-CGL परीक्षा भी हो चुकी है रद्द
झारखंड सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद JSSC-Combined Graduate Level यानी JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की थी. यह फैसला लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल था.
इसके अलावा सरकार ने आउटसोर्स एजेंसी TDPL की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा प्रकाशित परिणामों को भी रद्द करने का फैसला किया था.
अब 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की अधिसूचनाएं जारी होने के बाद JPSC, JSSC और TDPL से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं पर सरकार का रुख और स्पष्ट हो गया है. छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार, निगरानी बढ़ाने और कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई की दिशा में भी कदम उठाए हैं.


