नई दिल्ली, 26 अगस्त 2026: दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेज बढ़ोतरी के बीच डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर होने का जोखिम अधिक बताया गया है. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 20 अगस्त तक राजधानी में H1N1 के 1,777 से अधिक मामले सामने आ चुके थे. इस साल Influenza-A के मामलों की संख्या 2,300 से ज्यादा रही है, जबकि 20 अगस्त को ही H1N1 के 114 नए मामले दर्ज किए गए.
पिछले साल इसी अवधि में दिल्ली में H1N1 के 229 मामले दर्ज हुए थे. इस लिहाज से इस साल अब तक सामने आए मामलों में छह गुना से अधिक बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी ICMR ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में कोई नया H1N1 strain सामने नहीं आया है और मौजूदा वायरस vaccine recommendations के अनुरूप है. इसलिए बढ़ते मामलों के बीच सावधानी जरूरी है, लेकिन इसे किसी नए या अधिक घातक strain के रूप में पेश नहीं किया गया है.
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बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सावधानी
डॉक्टरों के मुताबिक seasonal influenza का संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन कुछ लोगों में complications का जोखिम ज्यादा रहता है. इनमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और chronic illnesses से पीड़ित लोग शामिल हैं. ऐसे लोगों में शुरुआती symptoms को नजरअंदाज न करने और जरूरत पड़ने पर समय पर medical advice लेने पर जोर दिया गया है.
विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि परिवार में अगर कोई high-risk member है, तो flu-like symptoms होने पर उससे अनावश्यक close contact से बचें और hygiene measures को गंभीरता से अपनाएं.
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच vaccination को लेकर बढ़ी दिलचस्पी
मेदांता मेडिक्लिनिक, डिफेंस कॉलोनी और मेदांता-द मेडिसिटी के श्वसन एवं नींद चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ निदेशक डॉ. भरत गोपाल ने कहा कि H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी के साथ preventive vaccination फिर चर्चा में आई है.
उनके मुताबिक seasonal influenza vaccination को लेकर enquiries बढ़ी हैं. खासकर high-risk लोगों और ऐसे परिवारों में दिलचस्पी देखी जा रही है, जिनमें बच्चे या बुजुर्ग सदस्य हैं.
यह ध्यान रखना जरूरी है कि vaccination को लेकर फैसला व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और medical history के हिसाब से डॉक्टर की सलाह के आधार पर किया जाना चाहिए.
H1N1 की जांच कहां और कितने खर्च में
सर गंगाराम अस्पताल के चिकित्सक डॉ. बिभु आनंद के अनुसार H1N1 की testing दिल्ली में अस्पतालों और diagnostic centres पर उपलब्ध है. निजी अस्पतालों में H1N1 test की लागत आम तौर पर 1,500 से 5,000 रुपये तक हो सकती है.
उन्होंने बताया कि पूरी respiratory infection की जांच के लिए BioFire panel की कीमत करीब 9,000 से 15,000 रुपये तक हो सकती है. सरकारी अस्पतालों में H1N1 testing का खर्च बहुत कम या लगभग नगण्य हो सकता है. हालांकि, हर मरीज में test की जरूरत एक जैसी नहीं होती और testing का फैसला symptoms, clinical condition तथा treating doctor की assessment के आधार पर किया जा सकता है.
दिल्ली-NCR में flu-like symptoms वाले मरीज बढ़े
H1N1 के बढ़ते मामलों का असर Delhi-NCR के hospitals और clinics में भी दिखाई दे रहा है. डॉक्टरों के अनुसार बुखार, खांसी और दूसरे flu-like symptoms के साथ medical consultation लेने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है.
ऐसे मामलों में डॉक्टरों ने self-medication से बचने की सलाह दी है. खासकर बिना medical advice के antibiotics लेना उचित नहीं माना गया है, क्योंकि influenza viral infection है और गलत दवा लेने से जरूरी treatment में देरी हो सकती है.
H1N1 के सामान्य लक्षण क्या हैं
चिकित्सकों के अनुसार H1N1 या influenza के सामान्य symptoms में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना, थकान, नाक बहना और नाक बंद होना शामिल हैं.
कुछ मरीजों, खासकर बच्चों में nausea, vomiting या diarrhoea भी दिखाई दे सकता है. हर मरीज में सभी symptoms होना जरूरी नहीं है. इसलिए लगातार बने रहने वाले या बिगड़ते symptoms को सिर्फ सामान्य viral infection मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
हर मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं
डॉक्टरों के मुताबिक uncomplicated influenza के ज्यादातर मरीजों का इलाज outpatient basis पर किया जा सकता है और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ती.
हालांकि, pneumonia, सांस लेने में परेशानी, oxygen saturation कम होना, लगातार तेज बुखार बने रहना या पहले से मौजूद बीमारी के बिगड़ने जैसी स्थिति में hospitalization की जरूरत पड़ सकती है. खास तौर पर high-risk patients में symptoms बढ़ने पर medical evaluation में देरी नहीं करनी चाहिए.
इन warning signs को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
डॉक्टरों ने कुछ ऐसे symptoms बताए हैं जिनमें तुरंत medical attention लेने की जरूरत हो सकती है. इनमें बहुत ज्यादा सांस फूलना, लगातार सीने में दर्द, oxygen saturation 94 प्रतिशत से कम होना, confusion, होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना और ठीक होने के बाद दोबारा बुखार आना शामिल हैं.
ऐसे symptoms को घरेलू इलाज या self-medication के भरोसे छोड़ना उचित नहीं है. खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और chronic disease वाले लोगों में डॉक्टर से जल्दी संपर्क करना जरूरी है.
संक्रमण से बचने के लिए क्या करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को हाथों और respiratory hygiene का ध्यान रखने की सलाह दी है. खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना, हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोना और भीड़भाड़ वाली जगहों पर mask का इस्तेमाल संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है.
इसके अलावा संक्रमित या flu-like symptoms वाले व्यक्ति के साथ close contact से बचने की सलाह दी गई है. तबीयत खराब होने पर घर पर रहना या जरूरत के अनुसार खुद को isolate करना भी संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है.
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दिल्ली में H1N1 मामलों में हुई बढ़ोतरी के बीच विशेषज्ञों का जोर panic पर नहीं, बल्कि early recognition, timely medical advice और preventive measures पर है. ICMR के मुताबिक कोई नया H1N1 strain सामने नहीं आया है, लेकिन मामलों में वृद्धि को देखते हुए high-risk लोगों के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी बनी हुई है.


