Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली सरकार की बहुप्रतीक्षित लक्ष्मी योजना 26 अगस्त को आधिकारिक रूप से लॉन्च होने जा रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 4,000 लाभार्थी महिलाओं को स्वीकृति पत्र सौंपेंगी. योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.
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लॉन्च से पहले 9 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन
योजना को लेकर महिलाओं में बड़ी संख्या में उत्साह देखने को मिला है. मंगलवार दोपहर 12 बजे तक 9,13,495 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि इनमें से 6,52,223 आवेदन अंतिम रूप से जमा किए जा चुके थे. सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की है.
1 सितंबर से मिलेगी पहली किस्त
लक्ष्मी योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाएंगे. यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खाते में भेजी जाएगी. योजना की पहली किस्त 1 सितंबर से मिलने की बात कही गई है. सरकार के अनुसार, इस आर्थिक सहायता से महिलाएं दवाइयों, शिक्षा और घरेलू जरूरतों जैसे खर्चों को पूरा करने के साथ अपने नाम पर बचत भी कर सकेंगी.
5,100 करोड़ रुपये का बजट
दिल्ली सरकार ने लक्ष्मी योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इसे राजधानी में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रमुख पहलों में से एक बता चुकी हैं. इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू हुई थी. मुख्यमंत्री ने ‘नारी सशक्तिकरण’ के उद्देश्य के साथ योजना के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल की शुरुआत की थी.
पहले महिला समृद्धि योजना था नाम
दिल्ली लक्ष्मी योजना को पहले महिला समृद्धि योजना के नाम से जाना जाता था. इसे दिल्ली कैबिनेट ने मार्च 2025 में मंजूरी दी थी और इसके लिए 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था.
योजना को लेकर कोर्ट में भी चुनौती
लक्ष्मी योजना से जुड़े कुछ प्रावधानों को लेकर कानूनी चुनौती भी सामने आई है. याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि मूल कैबिनेट फैसले में सांसद/विधायक की अनिवार्य सिफारिश का प्रावधान नहीं था, लेकिन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में इसे जरूरी किया गया है. इसके अलावा दिल्ली में 10 साल की लगातार निवास अवधि, परिवार में बच्चों की संख्या, बिजली की खपत, परिवार की सबसे बड़ी पात्र महिला को ही लाभ देने और आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े कुछ नियमों को भी अदालत में चुनौती दी गई है.
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याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सांसद या विधायक की अनिवार्य सिफारिश की शर्त के कारण कई महिलाओं को योजना के लिए आवेदन करने में परेशानी हो रही है. फिलहाल 26 अगस्त को योजना का औपचारिक शुभारंभ होने जा रहा है और 1 सितंबर से पात्र महिलाओं के खातों में 2,500 रुपये की पहली किस्त पहुंचने की प्रक्रिया शुरू होगी.


