नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के तहत शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन का निर्माण शुरू कर दिया है. यह स्टेशन फेज-V(A) के तहत जनकपुरी पश्चिम से आर.के. आश्रम मार्ग तक मौजूदा मैजेंटा लाइन के विस्तार का हिस्सा है. भूमिगत बनने वाला यह स्टेशन मध्य दिल्ली में मेट्रो कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा.
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एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से बनेगा सीधा इंटरचेंज
नए शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन को मौजूदा शिवाजी स्टेडियम एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन स्टेशन से 230 मीटर लंबी भूमिगत सब-वे के जरिए जोड़ा जाएगा. इससे यात्रियों को दोनों मेट्रो कॉरिडोर के बीच आसानी से इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा शिवाजी स्टेडियम स्टेशन को 800 मीटर लंबी ट्रैवलेटर युक्त भूमिगत सब-वे से राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से भी जोड़ा जाएगा. इससे दोनों स्टेशनों के बीच पैदल आवागमन आसान होगा.
38 मीटर गहराई में बनेगा स्टेशन
शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन की डायाफ्राम वॉल करीब 38 मीटर गहरी होगी. यह लगभग 12 मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर है. मौजूदा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के नीचे स्टेशन का निर्माण होने के कारण इतनी अधिक गहराई पर काम किया जा रहा है.
हर महीने 750 डंपर लगाए जाएंगे
निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होगी. DMRC के मुताबिक, स्टेशन निर्माण में हर महीने करीब 3,000 घनमीटर कंक्रीट की जरूरत होगी, जिसके लिए लगभग 500 ट्रांजिट मिक्सर फेरे लगाए जाएंगे. वहीं, हर महीने करीब 15,000 घनमीटर मिट्टी की खुदाई होगी. इसके लिए लगभग 750 डंपर फेरे लगाए जाएंगे. खुदाई से निकली सामग्री को हटाने के लिए प्रतिदिन करीब 25 डंपर फेरे लगने की संभावना है. निर्माण के दौरान आसपास की सड़कों पर गंदगी और ट्रैफिक की समस्या न हो, इसके लिए मिट्टी और निर्माण सामग्री को ढककर ले जाने, वाहनों के पहियों की धुलाई और प्रभावित सड़क हिस्सों की तत्काल सफाई जैसे उपाय किए जाएंगे.
कर्मचारियों और श्रद्धालुओं को होगा फायदा
नया स्टेशन आसपास के सरकारी और व्यावसायिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों, स्कूली विद्यार्थियों, गुरुद्वारा बंगला साहिब आने वाले श्रद्धालुओं और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है. स्टेशन निर्माण की जिम्मेदारी मैसर्स एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दी गई है.
9.913 KM लंबा होगा सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर
सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 9.913 किलोमीटर होगी. इसमें कुल 9 भूमिगत स्टेशन बनाए जाएंगे.
- शिवाजी स्टेडियम
- युगे युगीन भारत
- केंद्रीय सचिवालय
- कर्तव्य भवन
- इंडिया गेट
- वॉर मेमोरियल–हाई कोर्ट
- बड़ौदा हाउस
- भारत मंडपम
- इंद्रप्रस्थ
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इसी कॉरिडोर के केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य 24 जून 2026 को शुरू किया गया था. सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के पूरा होने के बाद प्रमुख सरकारी कार्यालयों, न्यायिक संस्थानों, राष्ट्रीय स्मारकों और सम्मेलन स्थलों तक मेट्रो कनेक्टिविटी मजबूत होगी. साथ ही मध्य दिल्ली में अलग-अलग मेट्रो कॉरिडोर के बीच इंटरचेंज बेहतर होने से यात्रियों के समय और सफर की परेशानी दोनों कम होने की उम्मीद है.


