जयपुर, 28 अगस्त 2026: राजस्थान में स्वाइन फ्लू और मौसमी फ्लू को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है. विभाग ने श्वसन संबंधी संक्रमणों से बचाव और इनके प्रसार को कम करने के लिए एडवाइजरी जारी की है. लोगों से साफ-सफाई का ध्यान रखने, लक्षण दिखाई देने पर सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेने को कहा गया है.
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि बुखार, खांसी या गले में खराश जैसे लक्षण दिखाई देने पर घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि, इन लक्षणों को नजरअंदाज भी नहीं किया जाना चाहिए. स्वास्थ्य विभाग का जोर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाने पर है.
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बुखार-खांसी होने पर घबराने की जरूरत नहीं
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मौसम में बदलाव के दौरान मौसमी फ्लू और अन्य respiratory infections के मामले सामने आ सकते हैं. ऐसे में बुखार, खांसी, गले में खराश या दूसरे श्वसन संबंधी लक्षण होने पर लोग अपनी स्थिति पर नजर रखें.
गायत्री राठौड़ ने कहा कि ऐसे लक्षण आने पर अनावश्यक घबराने के बजाय सावधानी बरतना जरूरी है. यदि लक्षण बने रहते हैं या जरूरत महसूस हो तो चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए.
विभाग के अनुसार, समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से मरीज की स्थिति पर उचित नजर रखने में मदद मिल सकती है.
साफ-सफाई और personal hygiene पर जोर
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता को महत्वपूर्ण बताया है. लोगों को हाथों की नियमित साफ-सफाई रखने की सलाह दी गई है.
सार्वजनिक स्थानों पर भी सावधानी बरतने और अपनी hygiene का ध्यान रखने पर जोर दिया गया है. विभाग का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए रोजमर्रा की साफ-सफाई संबंधी आदतों को अपनाना जरूरी है.
लक्षण होने पर दूसरों से दूरी रखें
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति में खांसी, जुकाम या दूसरे respiratory symptoms दिखाई दे रहे हैं, तो उसे दूसरों के संपर्क में आने के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए.
लक्षण होने पर अनावश्यक रूप से दूसरों के नजदीक जाने से बचना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है. स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपनी स्थिति के प्रति जिम्मेदारी बरतने की अपील की है.
मौसमी बदलाव के दौरान बढ़ती है सतर्कता की जरूरत
विभाग के अनुसार मौसम में बदलाव के समय seasonal flu और अन्य श्वसन संक्रमण के मामले सामने आ सकते हैं. ऐसे में स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहना और शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है.
बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश या अन्य श्वसन संबंधी परेशानी दिखाई देने पर अपनी स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जरूरत पड़ने पर चिकित्सा विशेषज्ञ से संपर्क करने की सलाह दी गई है.
एडवाइजरी का मकसद डर नहीं, जागरूकता बढ़ाना
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एडवाइजरी का उद्देश्य लोगों के बीच स्वाइन फ्लू या seasonal flu को लेकर अनावश्यक डर पैदा करना नहीं है. इसका मकसद सावधानी और awareness बढ़ाना है.
गायत्री राठौड़ ने आमजन से अपील की कि वे लक्षणों को लेकर जागरूक रहें, साफ-सफाई का ध्यान रखें और आवश्यकता होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें.
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फिलहाल विभाग का संदेश यही है कि respiratory symptoms को लेकर घबराने के बजाय सावधानी बरती जाए और संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता तथा दूसरों के प्रति जरूरी सतर्कता अपनाई जाए.


