ग्रेटर नोएडा: शहर के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाने वाले श्रमिकों के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी पहल की है. श्रमिकों की आवास संबंधी दिक्कतों को दूर करने के साथ उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में तीन महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. इनमें EWS फ्लैट, ट्रांजिट हॉस्टल और पब्लिक लाइब्रेरी का निर्माण शामिल है. बृहस्पतिवार को अपर मुख्य सचिव एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. माना जा रहा है कि इन फैसलों से रोजगार की तलाश में ग्रेटर नोएडा आने वाले अप्रवासी श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी.
पतवाड़ी और बिरौंडी के पास बनेंगे EWS फ्लैट
ग्रेटर नोएडा में रोजगार की तलाश में आने वाले श्रमिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती किफायती आवास की होती है. महंगे किराये के कारण कई श्रमिक मजबूरी में अवैध कॉलोनियों का रुख करते हैं और कई बार अपनी मेहनत की कमाई कॉलोनाइजरों के हाथों गंवा बैठते हैं. इसी समस्या को देखते हुए प्राधिकरण ने पतवाड़ी और बिरौंडी गांव के नजदीक EWS फ्लैट बनाने का फैसला लिया है. इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है. प्राधिकरण का लक्ष्य है कि इन फ्लैटों का निर्माण कार्य इस साल के अंत तक शुरू कर दिया जाए.
रोजगार मिलने तक सहारा देगा ट्रांजिट हॉस्टल
बोर्ड बैठक में श्रमिकों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई. उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजना के तहत इन हॉस्टलों का निर्माण श्रम विभाग करेगा, जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इसके लिए जमीन निशुल्क उपलब्ध कराएगा. इसके लिए औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-6 और ईकोटेक-11 में 3,000-3,000 वर्ग मीटर जमीन चिह्नित की गई है. यहां अप्रवासी कामगार रोजगार मिलने तक किराया देकर रह सकेंगे. नौकरी मिलने के बाद वे स्थायी आवास की तलाश कर सकेंगे.
अल्फा-1 में बनेगी पब्लिक लाइब्रेरी
श्रमिकों के आवास के अलावा बोर्ड बैठक में शहर के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए भी अहम फैसला लिया गया. सेक्टर अल्फा-1 में पब्लिक लाइब्रेरी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. लाइब्रेरी करीब 1,360 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित होगी. इसमें लगभग 440 वर्ग मीटर में तीन मंजिला भवन बनाया जाएगा, जबकि बाकी हिस्से में पार्किंग, शौचालय और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी. लाइब्रेरी में बच्चों, छात्रों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए किताबों के साथ समाचार पत्र भी उपलब्ध होंगे. खासतौर पर उन विद्यार्थियों को इसका फायदा मिलेगा, जो महंगी किताबें खरीदने में सक्षम नहीं हैं. यहां न्यूनतम शुल्क पर पुस्तकें उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. लाइब्रेरी का निर्माण भी साल के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बोर्ड बैठक में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए. इसके अलावा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, श्रीलक्ष्मी वीएस, प्रेरणा सिंह, सुमित यादव और यीडा के ओएसडी शैलेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे. इन तीनों फैसलों को ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों और आम लोगों के लिए किफायती आवास, अस्थायी ठिकाने और शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.


