MP Weather Update 6 September 2026: मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के मौसम केंद्र भोपाल ने 6 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक के लिए कई जिलों में बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. सबसे ज्यादा चिंता गुना, शिवपुरी और श्योपुरकलां को लेकर है, जहां कहीं-कहीं अति भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है.
यह भी पढ़ें- CJP प्रोटेस्ट में भी नहीं बता पाए कई लोग, NEET से UPI तक इन 25 शब्दों के फुल फॉर्म जान लीजिए
6 सितंबर को इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार गुना, शिवपुरी और श्योपुरकलां जिलों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी है.
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं का अलर्ट भोपाल, विदिशा, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सतना, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं जारी किया गया है.
बाकी जिलों में कैसा रहेगा मौसम
6 सितंबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में हो सकती है.
वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, रीवा, मऊगंज, सतना, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर और मैहर में अनेक स्थानों पर बारिश का अनुमान है. विदिशा, राजगढ़, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अधिकांश स्थानों पर बारिश हो सकती है.
बारिश की वजह क्या है
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे लगे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र 5 सितंबर को कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और अगले 24 घंटों में इसके लगभग उसी क्षेत्र में बने रहने की संभावना है. इसके अलावा मानसून ट्रफ भी इस सिस्टम से जुड़ा हुआ है.
बारिश का असर क्या हो सकता है
अति भारी और भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, अंडरपास में पानी भरने और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है. कुछ निचले पुलों और सड़कों पर अस्थायी आवागमन प्रभावित होने तथा नदी तटबंधों में कटाव का खतरा भी बढ़ सकता है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहें और पेड़, बिजली के खंभे या खुले स्थान के नीचे खड़े न हों. संभव हो तो बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा टालें. वाहन चलाते समय गति कम रखें और पुलों तथा जलभराव वाली सड़कों से सावधान रहें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल देना भी सलाह में शामिल है.
किसानों को भारी बारिश, तेज हवा और गरज-चमक के दौरान सिंचाई तथा कीटनाशक, खरपतवारनाशी और उर्वरक का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है. निचले खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें और कटी फसल, बीज, खाद व कृषि उपकरणों को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें.
भोपाल का मौसम
भोपाल और आसपास के इलाकों में सामान्यतः बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. हवा की गति 14 से 16 किमी प्रति घंटा और अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान क्रमशः 25 और 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
5 सितंबर को प्रदेश में बारिश की स्थिति
पिछले 24 घंटों में भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभागों में अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज हुई. इंदौर, जबलपुर और सागर संभागों में अनेक स्थानों पर तथा रीवा और शहडोल संभागों में कहीं-कहीं बारिश हुई. इस दौरान श्योपुर में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और खंडवा में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के मौसम केंद्र भोपाल
यह भी पढ़ें- घर पर यूरिन टेस्ट से 92% ब्लैडर कैंसर की पहचान, NHS कर रहा परीक्षण
FAQ
1. क्या 6 सितंबर को पूरे मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी?
नहीं. मौसम विभाग ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए बारिश की अलग-अलग संभावना बताई है. सबसे प्रमुख अति भारी बारिश का अलर्ट गुना, शिवपुरी और श्योपुरकलां के लिए है.
2. किन जिलों में सबसे ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?
गुना, शिवपुरी और श्योपुरकलां में अति भारी बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट है. इसके अलावा भारी बारिश वाले 20 जिलों में भी सतर्कता जरूरी है.
3. क्या बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा है?
हां. कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए.
4. क्या किसानों को खेत में काम करना चाहिए?
तेज बारिश, आंधी और वज्रपात के दौरान खुले खेत में काम करने से बचना चाहिए. छिड़काव और सिंचाई जैसे काम मौसम अनुकूल होने पर ही करने की सलाह दी गई है.
5. क्या मौसम जल्दी सामान्य हो जाएगा?
मौसम केंद्र भोपाल के बुलेटिन में फिलहाल बड़े बदलाव का अनुमान नहीं जताया गया है. इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले नए मौसम अलर्ट पर नजर रखना जरूरी है.


