नोएडा. दिल्ली-NCR के नोएडा में लंबे समय से अटके रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और फ्लैट खरीदारों के लिए राहत की खबर सामने आई है. नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में ऐसे प्रोजेक्ट्स के फ्लैटों की रजिस्ट्री को मंजूरी देने का फैसला लिया गया है, जिनके बिल्डर बकाया राशि जमा कर रहे हैं. प्राधिकरण के मुताबिक, अब तक बिल्डरों से 561 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है.
बैठक में कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी से जुड़े फ्लैट खरीदारों के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया. ऐसे वैध कब्जेदार, जिन्होंने कोऑपरेटिव सोसायटी को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंडों में बाद में फ्लैट खरीदे हैं, वे अब जरूरी प्रक्रिया पूरी कर अपने नाम पर सब-लीज डीड रजिस्टर करा सकेंगे.
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अटके फ्लैट्स की रजिस्ट्री का रास्ता साफ
नोएडा अथॉरिटी की 223वीं बोर्ड बैठक में उन बिल्डरों से जुड़े प्रोजेक्ट्स के फ्लैटों की रजिस्ट्री को मंजूरी दी गई है, जो लंबे समय से अटके हुए थे और अब प्राधिकरण का बकाया पैसा जमा कर रहे हैं.
अब तक बिल्डरों से 561 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं. इसके बाद संबंधित फ्लैट खरीदारों के नाम रजिस्ट्री का रास्ता साफ होने की उम्मीद है. इससे लंबे समय से अपने घर के कानूनी दस्तावेज का इंतजार कर रहे खरीदारों को राहत मिल सकती है.
कोऑपरेटिव सोसायटी के फ्लैट खरीदारों को भी राहत
बोर्ड बैठक में कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी से जुड़े खरीदारों के लिए भी अहम फैसला लिया गया. जिन लोगों ने ऐसी सोसायटियों को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंडों में बाद में फ्लैट खरीदे हैं, उन्हें अब मालिकाना हक हासिल करने का रास्ता मिलेगा.
नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, ऐसे वैध कब्जेदार NOC और निर्धारित फीस जमा करके अपने नाम पर सब-लीज डीड रजिस्टर करा सकेंगे.
इससे इन फ्लैट खरीदारों को अपनी संपत्ति से जुड़े पक्के दस्तावेज हासिल करने में मदद मिलेगी और कानूनी विवादों को खत्म करने की दिशा में रास्ता खुल सकता है.
NOC और फीस के बाद सब-लीज डीड
कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के वैध कब्जेदारों के लिए प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है. उन्हें NOC और फीस की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद वे अपने नाम पर सब-लीज डीड रजिस्टर करा सकेंगे.
इस फैसले से ऐसे खरीदारों को अपने फ्लैट के कानूनी दस्तावेज हासिल करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिनकी संपत्ति का मामला लंबे समय से अटका हुआ था.
रखरखाव के लिए बनेगा कॉर्पस फंड
बोर्ड बैठक में नोएडा के रखरखाव और बुनियादी सुविधाओं के लिए एक खास कॉर्पस फंड बनाने का फैसला भी लिया गया. इसका इस्तेमाल शहर में पानी, साफ-सफाई और इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत से जुड़े कामों के लिए किया जाएगा.
फंड में वन-टाइम लीज रेंट से मिलने वाली राशि जमा की जाएगी. इसका उद्देश्य भविष्य में शहर के रखरखाव के लिए फंड की कमी नहीं होने देना है.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर कमेटी
बैठक में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्रियल यूनिट्स के लिए एक जैसी पॉलिसी और फीस लागू करने के मुद्दे पर भी फैसला लिया गया. इसके लिए एक कमेटी बनाने की बात कही गई है.
कमेटी इस विषय से जुड़े पहलुओं पर विचार करेगी, ताकि दोनों क्षेत्रों में इंडस्ट्रियल यूनिट्स के लिए पॉलिसी और फीस को लेकर समान व्यवस्था की दिशा में काम किया जा सके.
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सेक्टर-153 में पुलिस कमिश्नर ऑफिस के लिए जमीन
नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-153 में पुलिस कमिश्नर के ऑफिस के निर्माण के लिए करीब 13,347 वर्गमीटर जमीन देने का फैसला भी लिया है.
इससे जुड़े फैसले के अलावा बोर्ड बैठक में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की रजिस्ट्री, कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के वैध कब्जेदारों के मालिकाना हक और शहर के रखरखाव से जुड़े कई अहम मुद्दों पर निर्णय लिए गए.
उपलब्ध जानकारी में किसानों के मुआवजे में 53 फीसदी बढ़ोतरी का उल्लेख शीर्षक में है, लेकिन उसके विस्तृत नियम, नई दर या लागू होने की प्रक्रिया का विवरण उपलब्ध सामग्री में नहीं दिया गया है. इसलिए इस हिस्से की अतिरिक्त जानकारी यहां नहीं जोड़ी जा रही है.


