ITR refund status: इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR दाखिल करने के बाद अगर आपको रिफंड मिलना है, लेकिन कई दिनों तक बैंक अकाउंट में पैसा नहीं आता, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कई बार ITR प्रोसेसिंग में समय लगने, बैंक अकाउंट की जानकारी में गलती या रिफंड फेल होने के कारण रकम अटक सकती है. आयकर विभाग के मुताबिक, रिफंड की प्रोसेसिंग ITR के e-Verify होने के बाद शुरू होती है और सामान्य तौर पर रिफंड क्रेडिट होने में करीब 4 से 5 सप्ताह लग सकते हैं.
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सबसे पहले ITR का Status चेक करें
रिफंड नहीं आने पर सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आपका ITR किस स्थिति में है. इसके लिए Income Tax e-Filing पोर्टल पर लॉगिन करें और e-File > Income Tax Returns > View Filed Returns पर जाएं. यहां संबंधित Assessment Year चुनकर ITR का स्टेटस देखा जा सकता है.
अगर स्टेटस Successfully e-Verified / Verified है, तो इसका मतलब है कि रिटर्न जमा और सत्यापित हो चुका है, लेकिन अभी प्रोसेसिंग पूरी नहीं हुई है. वहीं Processed स्टेटस का मतलब है कि विभाग ने रिटर्न को प्रोसेस कर दिया है.
ITR e-Verify नहीं किया तो Refund अटक सकता है
ITR दाखिल करने के बाद उसका e-Verification पूरा करना जरूरी है. बिना वेरिफिकेशन के रिटर्न की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाती. मौजूदा नियमों के अनुसार ITR दाखिल करने के बाद सामान्य तौर पर 30 दिनों के भीतर e-Verify या ITR-V जमा करना होता है.
e-Verification Aadhaar OTP, Net Banking, बैंक अकाउंट या अन्य उपलब्ध तरीकों से किया जा सकता है. अगर समय पर वेरिफिकेशन नहीं हुआ है, तो कुछ मामलों में देरी के लिए Condonation Request की जरूरत पड़ सकती है.
Refund आने में देरी के प्रमुख कारण
रिफंड में देरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं. सबसे पहले यह जांचें कि बैंक अकाउंट e-Filing पोर्टल पर Pre-Validated है या नहीं. आयकर विभाग के अनुसार रिफंड फेल होने का एक कारण बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेट न होना है.
इसके अलावा बैंक अकाउंट में दर्ज नाम और PAN के नाम में अंतर, गलत IFSC Code या बंद बैंक अकाउंट की वजह से भी रिफंड क्रेडिट नहीं हो सकता है. PAN और Aadhaar लिंक से जुड़ी समस्या होने पर भी रिफंड फेल हो सकता है.
Refund Failed दिखे तो क्या करें?
अगर Refund Status में रिफंड फेल दिखाई दे रहा है, तो बैंक अकाउंट की जानकारी ठीक करने के बाद Refund Reissue Request भेजी जा सकती है.
इसके लिए Income Tax e-Filing पोर्टल पर लॉगिन करके Dashboard > Services > Refund Reissue पर जाएं. इसके बाद संबंधित रिफंड रिकॉर्ड चुनें और ऐसा बैंक अकाउंट चुनें जो सही और वैलिडेटेड हो. बैंक अकाउंट वैलिडेट होने के बाद रिक्वेस्ट को e-Verify करना होता है.
ITR में कोई गलती या Discrepancy हो तो?
कई बार रिफंड इसलिए भी नहीं आता क्योंकि ITR में दर्ज जानकारी और विभाग के पास उपलब्ध जानकारी में अंतर होता है. ऐसी स्थिति में e-Filing पोर्टल और रजिस्टर्ड ईमेल पर आने वाले नोटिस या Intimation को जरूर चेक करें.
ITR Status में Defective दिखाई दे तो इसका मतलब है कि रिटर्न में जरूरी जानकारी की कमी या कोई असंगति पाई गई है. ऐसे मामले में विभाग की ओर से मांगी गई जानकारी या कार्रवाई समय पर पूरी करनी चाहिए.
कितने दिन बाद शिकायत करें?
अगर ITR e-Verified है और सामान्य प्रोसेसिंग अवधि के बाद भी रिफंड नहीं मिला है, तो पहले Refund Status और ईमेल चेक करें. आयकर विभाग करीब 4-5 सप्ताह का सामान्य समय बताता है. इसके बाद भी समस्या बनी रहे तो e-Filing पोर्टल पर उपलब्ध Service Request या संबंधित सहायता सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है.
आयकर विभाग के e-Filing और CPC से जुड़ी सहायता के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1800 103 0025 और 1800 419 0025 भी उपलब्ध हैं.
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ध्यान रखें ये जरूरी बातें
ITR भरने के बाद सिर्फ रिटर्न फाइल करके छोड़ देना पर्याप्त नहीं है. e-Verification पूरा करें, बैंक अकाउंट को प्री-वैलिडेट रखें और रिफंड के लिए सही बैंक अकाउंट चुनें. साथ ही Income Tax पोर्टल पर ITR Status और रजिस्टर्ड ईमेल को समय-समय पर चेक करते रहें.
अगर Refund Failed हो गया है तो घबराने के बजाय बैंक की जानकारी ठीक करके Refund Reissue Request भेजी जा सकती है. सही जानकारी और जरूरी वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद रिफंड दोबारा जारी किया जा सकता है.


