MP Weather Update 15 September 2026: मध्य प्रदेश में आज मंगलवार को बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. खास तौर पर 10 जिलों में भारी बारिश, झंझावात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
15 सितंबर को इन 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, आगर, मंदसौर, नीमच और गुना में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 KM प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की चेतावनी दी है.
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इसके अलावा भोपाल, विदिशा, सीहोर, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में भी गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 KM प्रति घंटे की हवाओं की संभावना है.
कहां कितनी बारिश की संभावना?
पूर्वानुमान में सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और मैहर में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर और सागर में अनेक स्थानों पर बारिश का अनुमान है.
पिछले 24 घंटे में भी खूब बरसा पानी
मौसम केंद्र के मुताबिक पिछले 24 घंटे में भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभागों में अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज हुई. ग्वालियर, जबलपुर और सागर संभागों में अनेक स्थानों तथा चंबल, रीवा और शहडोल संभागों में कहीं-कहीं बारिश हुई.
बारिश के आंकड़ों में खलचिपुर में 124.6 MM बारिश दर्ज की गई, जो बहुत भारी बारिश रही. अंजड़ में 108.0 MM, झाबुआ में 86.1 MM, जाबोट में 80.2 MM, गौतमपुरा में 70.6 MM, सनावद में 70.0 MM और बदनावर में 67.1 MM बारिश दर्ज हुई.
तेज हवाओं का भी असर
सीहोर में 43 KM प्रति घंटे की झोंकेदार हवा दर्ज हुई. ग्वालियर और मंडला में 35 KM, गुना, जबलपुर और सागर में 33 KM, जबकि मुरैना, टीकमगढ़ और सिवनी में 31 KM प्रति घंटे तक की हवाएं दर्ज हुईं. हरदा, दतिया, बुरहानपुर और पन्ना में 30 KM प्रति घंटे की हवा दर्ज हुई.
मौसम सिस्टम क्यों सक्रिय है?
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे लगे गुजरात क्षेत्र के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे लगे उत्तरी गुजरात के ऊपर है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 KM की ऊंचाई तक फैला है. मानसून ट्रफ भी राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है.
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं और करीब 19 सितंबर 2026 के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है.
बारिश का असर क्या हो सकता है?
भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में गंभीर जलभराव और अंडरपास में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. नदियों और झरनों का जलस्तर बढ़ सकता है. बैराज, नालों और मौसमी जलधाराओं पर बने निचले पुलों और सड़कों पर अस्थायी रूप से आवाजाही प्रभावित हो सकती है. नदी तटबंधों में कटाव और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा भी बताया गया है.
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम?
भोपाल और आसपास के इलाकों में सामान्यतः मेघमय आकाश रहने और आकाशीय बिजली, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. औसत हवा की गति 10 से 12 KM प्रति घंटा और अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान क्रमशः 28 और 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
14 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक भोपाल में पिछले 24 घंटे का अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री और न्यूनतम 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा. इस दौरान 16.0 MM बारिश दर्ज की गई. 1 जून 2026 से भोपाल में कुल 1117.1 MM बारिश दर्ज हो चुकी थी.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
बारिश और गरज-चमक के दौरान संभव हो तो यात्रा से बचें. पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों के नीचे खड़े न हों. आकाशीय बिजली के दौरान घर के अंदर रहें और बिजली से चलने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें. तेज बारिश में पुलों, निचली सड़कों और जलभराव वाले रास्तों से बचना बेहतर है. आपात स्थिति के लिए पानी, दवाइयां, टॉर्च, बैटरी और प्राथमिक चिकित्सा किट तैयार रखने की सलाह दी गई है.
किसानों के लिए सलाह
भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सिंचाई तथा खरपतवारनाशी, कीटनाशी और उर्वरकों का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है. दलहन, तिलहन, सब्जियों और निचले खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था रखें. मक्का और दूसरी फसलों में नाइट्रोजन का इस्तेमाल पर्याप्त बारिश और मिट्टी में उचित नमी होने के बाद ही करें. सब्जियों, बेल वाली फसलों और युवा फलदार पौधों को सहारा दें और खेतों की मेड़ों को मजबूत रखें.
कटाई की गई उपज, बीज, खाद, कीटनाशी और कृषि उपकरणों को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखें. पॉलीहाउस, नेट हाउस और दूसरी संरक्षित खेती की संरचनाओं को तेज हवाओं से बचाने के लिए अच्छी तरह बांधें. आकाशीय बिजली के दौरान खुले खेत, पेड़, बिजली के खंभे, धातु की संरचनाओं और कृषि मशीनों के पास काम न करें. पशुओं को सुरक्षित, सूखे और हवादार शेड में रखें और गरज-चमक के दौरान खुले में चरने न दें.
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1. क्या 15 सितंबर को पूरे मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी?
नहीं. मौसम विभाग ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए बारिश की अलग-अलग संभावना बताई है. कुछ जगहों पर बारिश, कुछ स्थानों पर और कई जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है. भारी बारिश का अलर्ट 10 जिलों के लिए है.
2. सबसे ज्यादा चिंता किन जिलों में है?
रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, आगर, मंदसौर, नीमच और गुना में भारी बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी है.
3. क्या बिजली गिरने का खतरा भी है?
हां. कई जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है. ऐसे मौसम में खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचना चाहिए.
4. क्या बारिश से सड़कें प्रभावित हो सकती हैं?
हां. भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और अंडरपास में पानी भर सकता है. निचले पुलों और कुछ सड़कों पर अस्थायी रूप से आवागमन प्रभावित होने की संभावना है.
5. किसानों को अभी किन कामों से बचना चाहिए?
भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सिंचाई तथा कीटनाशी, खरपतवारनाशी और उर्वरकों के छिड़काव को टालने की सलाह दी गई है.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD, मौसम केंद्र भोपाल, मध्य प्रदेश


