आर्थिक तंगी और सीमित अवसरों के बीच sanitation workers के लिए स्थायी और सुरक्षित रोजगार की राह आसान नहीं होती. लेकिन समय पर financial assistance और mechanised sanitation equipment मिलने से ऐसे कामगारों की आजीविका में बदलाव आ सकता है.
आंध्र प्रदेश के Guntur Municipal Corporation में पिछले 10 साल से waste picker के तौर पर काम कर रहे 30 वर्षीय Balamala Malli की कहानी इसी बदलाव को दिखाती है. Swachhta Udyami Yojana यानी SUY के तहत मिली मदद से वह अब पांच सदस्यों वाले group enterprise का हिस्सा हैं और sanitation work के लिए 3-in-1 Jetting, Grabbing and Rodding Machine का इस्तेमाल कर रहे हैं.
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पहले waste picking से होती थी करीब ₹8,000 की कमाई
Balamala Malli ने करीब 10 साल तक Guntur Municipal Corporation में waste picker के रूप में काम किया. वह सप्ताह में छह दिन काम करते थे और शुरुआत में उन्हें रोजाना करीब ₹150 से ₹200 की कमाई होती थी.
गरीबी की वजह से वह स्कूल नहीं जा सके. उनके माता-पिता भी बेहद गरीब थे और कम उम्र में ही उन्होंने formal education के बजाय उनके साथ waste-picking activities में जाना शुरू कर दिया.
PIB के अनुसार, Scheduled Tribe community से आने वाले Malli को सामाजिक भेदभाव, exclusion और जरूरी सुविधाओं तक सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा.
उनकी पत्नी homemaker हैं और उनके तीन बच्चे elementary school में पढ़ते हैं. आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद Malli अपने परिवार को बेहतर भविष्य और बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहते थे.
SUY के तहत मिली मशीन खरीदने की मदद
19 जून 2023 को National Safai Karamcharis Finance and Development Corporation यानी NSKFDC की ओर से Swachhta Udyami Yojana के तहत Malli और चार अन्य सदस्यों वाले group project को financial assistance दी गई.
इस मदद से group ने 3-in-1 Jetting, Grabbing and Rodding Machine खरीदी. इसका इस्तेमाल mechanised sanitation work के लिए किया गया.
इस project की कुल लागत ₹49,40,710 थी. इसमें ₹30,80,530 का loan और ₹18,60,180 की upfront capital subsidy शामिल थी.
मशीन मिलने के बाद ₹10,000 अतिरिक्त कमाई
मशीन मिलने से पहले Malli waste-picking activities के जरिए करीब ₹8,000 प्रति महीने कमाते थे.
3-in-1 machine मिलने के बाद उन्हें करीब ₹10,000 प्रति महीने की अतिरिक्त कमाई होने लगी. इससे उनकी कुल मासिक आय लगभग ₹18,000 हो गई.
आय बढ़ने के बाद वह household expenses को ज्यादा आसानी से पूरा कर पा रहे हैं. साथ ही बच्चों की education को support करने और परिवार से जुड़ी आर्थिक चुनौतियों से निपटने में भी उन्हें मदद मिली है.
परिवार के भविष्य को लेकर बढ़ा भरोसा
नई livelihood opportunity ने Malli को आर्थिक रूप से ज्यादा स्थिर होने में मदद की है. अब वह group enterprise के जरिए mechanised sanitation work कर रहे हैं.
PIB के अनुसार, यह बदलाव उनके लिए केवल आय बढ़ने तक सीमित नहीं है. इससे उन्हें परिवार को बेहतर तरीके से support करने और अधिक dignity के साथ जीवन जीने का भरोसा भी मिला है.
Malli ने support के बारे में कहा कि इससे उनकी income बढ़ाने, बच्चों को बेहतर education देने और उनके लिए ज्यादा secure future बनाने में मदद मिली. उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें परिवार को support करने और dignity के साथ जीवन जीने को लेकर ज्यादा confidence महसूस होता है.
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SUY से sanitation workers के लिए livelihood opportunity
Balamala Malli की journey यह दिखाती है कि financial assistance, collective enterprise और mechanised sanitation equipment मिलकर sanitation workers के लिए livelihood security को मजबूत करने में भूमिका निभा सकते हैं.
जहां पहले वह कम आय वाले waste-picking work पर निर्भर थे, वहीं अब वह एक group enterprise का हिस्सा हैं और sanitation work के जरिए अतिरिक्त earning opportunity हासिल कर रहे हैं.


