Weather Update 20 September 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 19 सितंबर 2026 को रात 8:33 बजे जारी अखिल भारतीय मौसम सारांश और पूर्वानुमान के अनुसार 20 सितंबर, रविवार को कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है. खासतौर पर दक्षिण भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और कुछ पश्चिमी हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिलेगा.
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20 सितंबर को कहां भारी बारिश की चेतावनी
IMD के 20 सितंबर यानी दूसरे दिन के पूर्वानुमान के अनुसार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल एवं माहे, तमिलनाडु-पुडुचेरी एवं कराईकल और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
इसके अलावा कई क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर भी रह सकता है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु-पुडुचेरी एवं कराईकल में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है.
वहीं पूर्वी राजस्थान, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है.
किन राज्यों में बिजली गिरने का खतरा
20 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, छत्तीसगढ़, केरल एवं माहे, लक्षद्वीप तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कुछ स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं.
ऐसे में खुले मैदान, खेत, जलाशय और पेड़ों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम बिगड़ने पर विशेष सावधानी बरतनी होगी.
पूर्वी और मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय
मध्य भारत में 20 सितंबर को मध्य प्रदेश में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है. छत्तीसगढ़ में भी बिजली के साथ गरज-चमक हो सकती है. IMD के सात दिन के पूर्वानुमान में 20 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है. छत्तीसगढ़ में बारिश का दायरा इससे अधिक रहने की संभावना है.
पूर्वी भारत में गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है. सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में आने वाले दिनों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है, जबकि झारखंड और बिहार में भी बारिश का सिलसिला आगे जारी रहने का अनुमान है.
दक्षिण भारत में ज्यादा असर
20 सितंबर को दक्षिण भारत मौसम के लिहाज से ज्यादा सक्रिय क्षेत्रों में रहेगा. तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल एवं माहे, तमिलनाडु-पुडुचेरी एवं कराईकल और तेलंगाना में भारी बारिश की संभावना है. तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक समेत कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी हो सकती है.
IMD के अनुसार केरल, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 25 सितंबर के दौरान बारिश का दौर बना रह सकता है. तटीय कर्नाटक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 20 से 25 सितंबर के बीच बारिश की संभावना जताई गई है.
बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र
मौसम का बड़ा बदलाव बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्र से जुड़ा है. IMD के अनुसार 19 सितंबर को उत्तर अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बना है. इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और 21 सितंबर को पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर अवदाब तथा 22 सितंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है. इसके बाद इसके 23 सितंबर की सुबह दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने की संभावना जताई गई है.
इस मौसम प्रणाली के कारण 22 से 25 सितंबर के बीच ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि बढ़ने का अनुमान है. 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना भी बताई गई है.
राजस्थान और मानसून की वापसी
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापसी शुरू कर दी है. IMD के अनुसार सामान्य तारीख 17 सितंबर थी. अगले 3-4 दिनों में राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.
हालांकि 20 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना बनी हुई है.
वार्निंग वाले जिले कौन से हैं?
इस IMD के अखिल भारतीय बुलेटिन में 20 सितंबर के लिए जिला-वार नाम उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. इसमें मौसम चेतावनी राज्य या मौसम उपखंड के स्तर पर दी गई है. इसलिए बिना किसी अलग जिला-वार IMD बुलेटिन के जिलों के नाम जोड़ना सही नहीं होगा. 20 सितंबर के लिए भारी बारिश वाले प्रमुख मौसम उपखंड अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल एवं माहे, तमिलनाडु-पुडुचेरी एवं कराईकल और तेलंगाना हैं.
भारी बारिश और तेज हवाओं का क्या असर हो सकता है
IMD के प्रभाव आकलन के अनुसार भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने, फसलों और बागवानी को नुकसान, कमजोर ढांचों को आंशिक क्षति, कच्चे मकानों और सड़कों को नुकसान तथा निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान दृश्यता भी कम हो सकती है और सड़क तथा रेल यातायात प्रभावित हो सकता है.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
मौसम बिगड़ने पर लोग सुरक्षित स्थान पर रहें और खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें. बिजली चमकने की स्थिति में बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का संपर्क अलग कर देना चाहिए तथा जलाशयों से बाहर निकल जाना चाहिए. मौसम की स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है.
किसानों के लिए भी बारिश और तेज हवा को देखते हुए खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने तथा ऊंची और फलदार फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और ओडिशा समेत कई क्षेत्रों के लिए कृषि संबंधी अलग सावधानियां भी IMD ने जारी की हैं.
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
20 सितंबर को अंडमान सागर तथा बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के कारण समुद्री स्थिति खराब रह सकती है. IMD ने अंडमान सागर में 19 से 21 सितंबर, पूर्व-मध्य और उससे लगे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 20 से 22 सितंबर तथा पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश-ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों के पास 22 से 24 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है. मछुआरों को 21 सितंबर की शाम तक तट पर लौटने की सलाह भी दी गई है.
20 सितंबर मौसम अपडेट: एक नजर में
| क्षेत्र | 20 सितंबर की स्थिति |
|---|---|
| अंडमान-निकोबार | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा |
| तटीय आंध्र प्रदेश | भारी बारिश, गरज-चमक, तेज हवा |
| कर्नाटक | भारी बारिश की संभावना, कई हिस्सों में गरज-चमक |
| केरल एवं माहे | भारी बारिश और बिजली |
| तमिलनाडु-पुडुचेरी | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा |
| तेलंगाना | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज सतही हवाएं |
| मध्य प्रदेश | गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा |
| पूर्वी राजस्थान | गरज-चमक और तेज हवा |
| ओडिशा | गरज-चमक और तेज हवा |
| झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल | गरज-चमक और तेज हवा की संभावना |
यह तालिका 20 सितंबर के IMD दिन-2 पूर्वानुमान पर आधारित है.
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FAQ
1. क्या 20 सितंबर को पूरे देश में बारिश होगी?
नहीं. IMD के सात दिन के पूर्वानुमान में देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए बारिश की अलग-अलग संभावना दी गई है. कुछ क्षेत्रों में बारिश होगी, जबकि कुछ इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.
2. 20 सितंबर को सबसे ज्यादा बारिश की चेतावनी कहां है?
अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल एवं माहे, तमिलनाडु-पुडुचेरी एवं कराईकल और तेलंगाना के लिए है.
3. क्या दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश का अलर्ट है?
इस बुलेटिन के सात दिन के पूर्वानुमान में 20 सितंबर को हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के लिए मौसम शुष्क बताया गया है.
4. क्या बंगाल की खाड़ी का सिस्टम आगे चलकर ज्यादा असर डाल सकता है?
IMD के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र 21 और 22 सितंबर को मजबूत हो सकता है और 23 सितंबर के आसपास दक्षिण ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है.
5. बारिश और बिजली के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बिजली चमकने पर पेड़ के नीचे शरण नहीं लेनी चाहिए, जलाशयों से बाहर निकलना चाहिए और बिजली तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का संपर्क अलग कर देना चाहिए.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग


