Ayodhya News: अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) पर सफर करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है. जिस हाईवे को पार करने के दौरान लोगों को हर समय तेज रफ्तार वाहनों का डर सताता था, वहां अब सुरक्षित आवागमन की उम्मीद जगी है. राजमार्ग पर छह स्थानों पर अंडरपास निर्माण को मंजूरी मिल गई है. इससे हाईवे के दोनों ओर बसे गांवों के लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और राहगीरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
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सालों की मांग के बाद मिली मंजूरी, इन 6 जगहों पर बनेंगे अंडरपास
अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर अंडरपास निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी. पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने 30 जुलाई 2023 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर छह स्थानों पर अंडरपास बनाने की मांग की थी. इनमें भिटरिया, रानीमऊ, कूढ़ा-सादात, भेलसर, सत्तीचौरा और अरकुना शामिल हैं. अब इन छह स्थानों पर निर्माण की स्वीकृति मिलने से स्थानीय लोगों की पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है.
रानीमऊ में छात्रों से लेकर व्यापारियों तक को मिलेगी राहत
रानीमऊ चौराहा क्षेत्र का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है. यहां बाजार के साथ तीन इंटर कॉलेज भी हैं. ऐसे में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, व्यापारियों और ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है. तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करना यहां लोगों के लिए जोखिम भरा रहता है. खासकर स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को हाईवे पार करते समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है. अंडरपास बनने से उन्हें सुरक्षित रास्ता मिलने और आवागमन आसान होने की उम्मीद है.
भेलसर और कूढ़ा-सादात के लोगों को भी मिलेगी सहूलियत
रुदौली क्षेत्र के भेलसर और कूढ़ा-सादात में भी अंडरपास निर्माण से आसपास के गांवों के लोगों को फायदा मिलने की संभावना है. हाईवे के दोनों ओर रहने वाले लोगों को रोजमर्रा के कामों, बाजार और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में सहूलियत मिल सकती है. अंडरपास बनने से लोगों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच से सड़क पार करने की मजबूरी से राहत मिलेगी. साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में भी मदद मिल सकती है.
क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि, अब निर्माण पर टिकी निगाहें
पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष शिवगोविंद पांडेय ने अंडरपास की स्वीकृति को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों, व्यापारियों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी. वहीं, पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इन स्थानों पर अंडरपास स्थानीय लोगों की प्रमुख आवश्यकता थी. इससे आवागमन सुगम बनाने और दुर्घटनाओं का खतरा कम करने में मदद मिलेगी. अब स्थानीय लोगों की निगाहें निर्माण कार्य शुरू होने और अंडरपास तैयार होने पर टिकी हैं. मंजूरी के बाद इनके निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रिया पूरी होने पर लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने का रास्ता साफ होगा.
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