Amroha News: नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अमरोहा के युवा अब अपना कारोबार शुरू कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत जिले में अब तक 2,610 इकाइयां स्थापित होकर संचालित हो चुकी हैं. विभाग के अनुसार, इन इकाइयों से औसतन पांच कर्मचारियों के हिसाब से करीब 13,050 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है. योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और महिला उद्यमियों की भागीदारी भी सामने आई है.
यह भी पढ़ें- दिल्ली में दौड़ेंगी 150 नई इलेक्ट्रिक बसें! 5 जगह बनेंगे EV चार्जिंग स्टेशन, जानें किन इलाकों को मिलेगा फायदा
10.79 करोड़ रुपये से शुरू हुए 2610 कारोबार
अमरोहा के उपायुक्त उद्योग अनूप श्रीवास्तव के मुताबिक, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत जिले से अब तक 10,960 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें 2,748 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं. स्वीकृत 11.37 करोड़ रुपये में से 10.79 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं. इस धनराशि से 2,610 इकाइयां स्थापित होकर कारोबार कर रही हैं. इन इकाइयों के जरिए युवाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते भी खुले हैं. छोटे उद्योगों और कारोबार के विस्तार से जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
गांवों से लेकर शहरों तक, महिलाओं की भी भागीदारी
योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार, स्थापित इकाइयों में करीब 70 प्रतिशत लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्रों से हैं. लगभग 90 प्रतिशत लाभार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं, जबकि करीब 30 प्रतिशत महिला उद्यमियों की भागीदारी है. इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि योजना के जरिए गांवों में कारोबार शुरू करने और महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के अवसर बढ़े हैं.
ब्यूटी पार्लर से लेकर डेयरी कारोबार तक, युवाओं की पसंद
अमरोहा के युवाओं ने अपनी जरूरत, कौशल और स्थानीय मांग के हिसाब से अलग-अलग कारोबार शुरू किए हैं. रेडीमेड गारमेंट्स, ब्यूटी पार्लर, जन सेवा केंद्र, आटा चक्की, आरा चक्की और दुग्ध उत्पादों से जुड़े कारोबार इनमें प्रमुख हैं. सचिन चौधरी, नितिन, योगेंद्र, फरहा जैदी और शारिक जैसे युवा उद्यमियों ने छोटे स्तर से शुरुआत कर अपने कारोबार को आगे बढ़ाया है. इनमें से कुछ उद्यमियों ने दूसरे लोगों को भी काम देकर रोजगार सृजन में योगदान दिया है.
15 फीसदी लाभार्थियों ने बढ़ाया कारोबार
योजना के विश्लेषण में करीब 15 प्रतिशत लाभार्थियों के कारोबार के टर्नओवर में उल्लेखनीय वृद्धि सामने आई है. यह उन उद्यमों के विस्तार की ओर संकेत करता है, जिन्होंने शुरुआती स्तर से आगे बढ़कर अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को मजबूत किया है. हालांकि, कुछ लाभार्थियों को कारोबार बढ़ाने में व्यावहारिक परेशानियों और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़ी अड़चनों का सामना भी करना पड़ रहा है. इन समस्याओं की समीक्षा कर समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं. ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रक्रिया को आसान और कम समय लेने वाला बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि युवाओं को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके.
1800 इकाइयों का लक्ष्य, प्रशासन ने बढ़ाकर किया 3220
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की तैयारी है. विभागीय जानकारी के मुताबिक, मुख्यालय ने अमरोहा को 1,800 नई इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य दिया है. युवाओं के उत्साह को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसे बढ़ाकर 3,220 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया है. इन सभी इकाइयों के शुरू होने पर औसतन पांच कर्मचारियों के हिसाब से करीब 16,100 अतिरिक्त रोजगार अवसर पैदा होने का अनुमान है. हालांकि, वास्तविक रोजगार इकाइयों की स्थापना, उनके संचालन और कर्मचारियों की संख्या पर निर्भर करेगा.
अमरोहा को MSME हब बनाने पर जोर
डीएम डॉ. नितिन गौड़ के मुताबिक, अमरोहा को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. युवाओं के नए उद्यम जिले की औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय रोजगार को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत अब विभाग का जोर पात्र युवाओं को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने और समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर है, ताकि वे अपना कारोबार शुरू करने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
यह भी पढ़ें- मथुरा-अलीगढ़ के बीच दौड़ेगी ट्रेन? 79 साल बाद सीधे रेल संपर्क की उम्मीद, हजारों यात्रियों का सफर हो सकता है आसान


