Ayodhya News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या की अंतर्महाविद्यालयी महिला वॉलीबॉल प्रतियोगिता सत्र 2026-27 का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ. प्रतियोगिता में 12 महाविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया. रोमांचक मुकाबलों के बाद देव इंद्रावती महाविद्यालय, कटेहरी (अंबेडकर नगर) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. वहीं, विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर की टीम उपविजेता रही.
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12 टीमों ने दिखाया दम, देव इंद्रावती कॉलेज ने मारी बाजी
प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों की कुल 12 महिला टीमों ने भाग लिया. खिलाड़ियों ने अपने खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना का प्रदर्शन किया. फाइनल मुकाबले में देव इंद्रावती महाविद्यालय, कटेहरी की टीम ने जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया, जबकि अवध विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर की टीम को उपविजेता स्थान से संतोष करना पड़ा.
कुलपति ने खेल भावना और अनुशासन पर दिया जोर
प्रतियोगिता का समापन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने किया. इस दौरान उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि खेलों से अनुशासन, टीम भावना और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है. साथ ही, खेल प्रतिभाओं के सर्वांगीण विकास के लिए खेल भावना को मजबूत करना जरूरी है. कुलपति ने विश्वविद्यालय परिसर में आधुनिक एथलेटिक ट्रैक और अन्य खेल मैदान विकसित करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
आयोजन में इनकी रही प्रमुख भूमिका
कार्यक्रम में क्रीड़ा परिषद के उपाध्यक्ष हिमांशु शेखर सिंह और सचिव प्रो. आशीष प्रताप सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे. विश्वविद्यालय की ओर से नामित पर्यवेक्षक डॉ. पूनम जोशी और डॉ. रीमा सोनकर ने प्रतियोगिता के आयोजन की निगरानी की. प्रतियोगिता का संचालन आयोजन सचिव डॉ. अनुराग पांडेय ने किया. समापन समारोह में क्रीड़ा सचिव (आवासीय परिसर) प्रो. सुरेंद्र मिश्रा ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, विभिन्न महाविद्यालयों से आए कोच, टीम मैनेजरों और खिलाड़ियों के प्रति आभार व्यक्त किया.
आयोजन को सफल बनाने में शारीरिक शिक्षा विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल मिश्रा, डॉ. तिलोकी यादव, डॉ. अर्जुन सिंह, डॉ. मंगलम सिंह और डॉ. आकाश सिंह सहित आनंद मौर्या, नागेंद्र, महेंद्र तथा अन्य स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
प्रतियोगिता ने महिला खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आपसी सहयोग व अनुशासन को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया.
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