Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पर्यटन और यातायात के लिहाज से अहम राष्ट्रीय राजमार्ग-305 के विकास की तैयारी तेज हो गई है. औट-बंजार-सैंज-लुहरी मार्ग के 49 किलोमीटर हिस्से को डबललेन बनाने की योजना है. इसके साथ ही जलोड़ी जोत के नीचे प्रस्तावित 4.16 किलोमीटर लंबी सुरंग की डीपीआर नए सिरे से तैयार की जाएगी. इन परियोजनाओं से सड़क संपर्क बेहतर होने और सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण होने वाली परेशानी कम होने की उम्मीद है.
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49 किलोमीटर सड़क का होगा चौड़ीकरण
मंडी से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग-305 के विकास और सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया तेज की है. योजना के तहत सड़क के दो हिस्सों को डबललेन बनाया जाएगा. इनमें किलोमीटर 31/0 से 46/0 तक 15 किलोमीटर और किलोमीटर 63/0 से 97/0 तक 34 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है. इस तरह कुल 49 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण प्रस्तावित है.
परियोजना की डीपीआर में सड़क सुरक्षा, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में बचाव के उपाय, आधुनिक यातायात सर्वेक्षण और पर्यावरण से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा. इसके लिए मंत्रालय की ओर से निविदाएं आमंत्रित की गई हैं.
जलोड़ी जोत के नीचे बनेगी 4.16 किलोमीटर लंबी सुरंग
इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जलोड़ी जोत सुरंग है. समुद्र तल से करीब 10,280 फीट की ऊंचाई पर स्थित जलोड़ी दर्रे के नीचे भारगोल खड्ड से सोझा कैंची तक 4.160 किलोमीटर लंबी सुरंग प्रस्तावित है. लोक निर्माण विभाग के नेशनल हाईवे विंग ने पहले इस सुरंग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर मंत्रालय को भेजी थी. हालांकि, मंत्रालय की ओर से कुछ आपत्तियां जताए जाने के बाद अब इसे नए सिरे से तैयार करने की योजना है.
राष्ट्रीय राजमार्ग को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी चल रही है. हस्तांतरण के बाद एनएचएआई द्वारा सुरंग की नई डीपीआर तैयार किए जाने की बात कही जा रही है.
सर्दियों में आनी का कुल्लू से नहीं कटेगा संपर्क?
जलोड़ी जोत दर्रा सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण बंद हो जाता है. इससे आनी क्षेत्र के लोगों का जिला मुख्यालय कुल्लू से सीधा संपर्क प्रभावित होता है. ऐसे में लोगों को करसोग या रामपुर के लंबे रास्तों से आवाजाही करनी पड़ती है. यदि प्रस्तावित सुरंग का निर्माण पूरा हो जाता है, तो मौसम की वजह से दर्रा बंद होने पर भी आनी और कुल्लू के बीच आवागमन आसान हो सकता है. इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
14.75 करोड़ रुपये से 84 किलोमीटर सड़क की मरम्मत
सड़क चौड़ीकरण और सुरंग की योजना के साथ मौजूदा मार्ग की हालत सुधारने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं. खबर के मुताबिक, मरम्मत के लिए दो अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं.
- पहला खंड: किलोमीटर 0 से 53 तक मरम्मत पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं.
- दूसरा खंड: किलोमीटर 63/00 से 94/800 तक मरम्मत के लिए करीब 6.75 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है.
- कुल खर्च: दोनों कार्यों पर लगभग 14.75 करोड़ रुपये.
- समयसीमा: कार्यों को पूरा करने के लिए 12 महीने निर्धारित किए गए हैं.
मरम्मत और सुधार कार्यों में सड़क चौड़ीकरण, आधुनिक ड्रेनेज चैनल, क्रैश बैरियर और टारिंग जैसे काम शामिल हैं.
पर्यटन और स्थानीय लोगों को क्या होगा फायदा?
राष्ट्रीय राजमार्ग-305 का बेहतर होना कुल्लू, बंजार और आनी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सड़क की स्थिति सुधरने से यात्रियों की आवाजाही आसान हो सकती है, जबकि सुरंग बनने पर सर्दियों में बर्फबारी से पैदा होने वाली संपर्क संबंधी समस्या कम होने की उम्मीद है. हालांकि, सड़क चौड़ीकरण और सुरंग निर्माण की वास्तविक समयसीमा संबंधित एजेंसियों की मंजूरी, परियोजना प्रक्रिया और निर्माण कार्यों की प्रगति पर निर्भर करेगी. फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि सड़क सुधार के काम कब शुरू होते हैं और जलोड़ी जोत सुरंग की नई डीपीआर कब तैयार होती है.
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