Jhansi Bina Third Railway Line: दिल्ली से झांसी और बीना के बीच रेल सफर को तेज और सुगम बनाने की दिशा में रेलवे ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. आगासोद से बीना स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है. गुरुवार शाम काम पूरा होने के बाद इस लाइन से पहली ट्रेन तमिलनाडु संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12652) को गुजारा गया. अब इस व्यस्त रेलमार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ाने और परिचालन का दबाव कम करने का रास्ता साफ हो गया है.
इस परियोजना का फायदा केवल ट्रेनों की आवाजाही तक सीमित नहीं रहेगा. तीसरी लाइन पूरी तरह चालू होने और जरूरी परिचालन प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की भी संभावना है. रेलवे के मुताबिक, धौलपुर से झांसी तक तीसरी लाइन शुरू हो चुकी है और इस रेलखंड पर भविष्य में 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलाने की दिशा में काम आगे बढ़ सकता है. फिलहाल ट्रेनों का संचालन 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से किया जा रहा है.
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अब ट्रेनों को नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार?
धौलपुर से बीना तक का रेलमार्ग उत्तर भारत को मध्य और दक्षिण भारत से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है. इस रूट पर वंदे भारत, शताब्दी, राजधानी और सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी संख्या में मालगाड़ियां भी चलती हैं. एक ही रेलखंड पर ट्रेनों की अधिक आवाजाही के कारण कई बार यात्री ट्रेनों को दूसरी ट्रेनों या मालगाड़ियों के गुजरने का इंतजार करना पड़ता है. तीसरी लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों को अलग-अलग ट्रैक पर संचालित करने में मदद मिलेगी. इससे परिचालन का दबाव कम करने, ट्रेनों के ठहराव घटाने और समयपालन में सुधार की उम्मीद है. हालांकि, ट्रेनों के ठहराव और यात्रा समय में वास्तविक कमी परिचालन व्यवस्था और रेलवे की आगे की योजनाओं पर निर्भर करेगी.
2016 में मिली थी मंजूरी, अब पूरा हुआ अहम काम
झांसी-बीना तीसरी रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 24 अगस्त 2016 को मंजूरी दी थी. उस समय परियोजना की लंबाई 152.57 किलोमीटर निर्धारित की गई थी. परियोजना की शुरुआती अनुमानित लागत 2,001.63 करोड़ रुपये थी, जबकि संभावित पूर्णता लागत 2,273.84 करोड़ रुपये आंकी गई थी. इसे चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था. अब आगासोद से बीना के बीच निर्माण पूरा होने के साथ इस महत्वपूर्ण रेलखंड की क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है.
तीसरी रेल लाइन से यात्रियों और रेलवे को क्या होगा फायदा?
तीसरी लाइन तैयार होने से कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है.
- ट्रेनों की आवाजाही बढ़ेगी: व्यस्त रेलखंड पर यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होगा.
- ठहराव कम करने में मदद: दूसरी ट्रेन के निकलने के इंतजार में होने वाली देरी घट सकती है.
- रफ्तार बढ़ाने की संभावना: जरूरी तकनीकी और परिचालन मंजूरियों के बाद 150 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से संचालन का रास्ता खुल सकता है.
- माल ढुलाई को मिलेगी गति: मालगाड़ियों के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होने से माल परिवहन अधिक सुगम हो सकता है.
- भविष्य में नई ट्रेनें चलाने की गुंजाइश: अतिरिक्त ट्रैक से रेलवे को बढ़ती यात्री और माल परिवहन की मांग संभालने में मदद मिलेगी.
- रखरखाव में सुविधा: किसी ट्रैक पर मरम्मत या रखरखाव के दौरान वैकल्पिक ट्रैक का इस्तेमाल करने की संभावना बढ़ेगी.
अधिकारियों ने क्या कहा?
झांसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के अनुसार, तीसरी लाइन का काम पूरा कराने में अधिकारियों से लेकर रेलकर्मियों तक सभी ने सहयोग किया. उन्होंने कहा कि इस परियोजना का लाभ सीधे यात्रियों को मिलेगा. अतिरिक्त रेल लाइन का उद्देश्य केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाना नहीं, बल्कि बढ़ते रेल यातायात को अधिक कुशलता से संभालना भी है.
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