Ballia Greenfield Expressway: पूर्वांचल के लोगों के लिए अच्छी खबर है. गाजीपुर से बलिया होते हुए बिहार सीमा तक बन रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे जनवरी 2027 तक पूरी तरह चालू करने की तैयारी है. करीब 134.30 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर 5,320 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसके चालू होने से पूर्वांचल और बिहार के बीच आवागमन आसान होने के साथ व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
134.30 किलोमीटर लंबा है एक्सप्रेस-वे
यह एक्सप्रेस-वे एनएच-29 पर गाजीपुर के हृदयपुर गांव के पास से शुरू होकर छपरा-मांझी एनएच-19 को पार करते हुए नए रिविलगंज बाईपास के रास्ते बिहार सीमा तक जाता है. परियोजना को चार चरणों में पूरा किया जा रहा है. इसका उद्देश्य क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क विकसित करना और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराना है.
चार चरणों में हो रहा निर्माण, जानें कब शुरू होगा आवागमन
एनएचएआइ के अनुसार, परियोजना के अलग-अलग हिस्सों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जा रहा है.
- पहला चरण: हृदयपुर से शाहपुर तक 42.50 किलोमीटर सड़क पर वाहनों का आवागमन शुरू हो चुका है.
- दूसरा चरण: शाहपुर से पिंडारी तक 35.65 किलोमीटर सड़क को नवंबर के अंत तक चालू करने की तैयारी है.
- तीसरा चरण: पिंडारी से बैरिया होते हुए रिविलगंज बाईपास तक 38.37 किलोमीटर हिस्से को जनवरी 2027 में चालू करने का लक्ष्य है.
- चौथा चरण: 17.27 किलोमीटर लंबा बक्सर स्पर परियोजना का शेष हिस्सा है.
एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीयूष अग्रवाल के मुताबिक, दूसरे चरण का काम पूरा हो गया है, जबकि तीसरे और चौथे चरण को जनवरी 2027 तक पूरी तरह चालू करने की तैयारी है.
184 गांवों को मिलेगा बेहतर सड़क संपर्क
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे गाजीपुर और बलिया क्षेत्र के 184 गांवों से होकर गुजर रहा है. इनमें बलिया के 82, बैरिया के 16 और गाजीपुर जिले के 86 गांव शामिल हैं. बेहतर सड़क संपर्क से इन इलाकों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
बलिया से दिल्ली जाना होगा आसान
एक्सप्रेस-वे के पूरी तरह चालू होने के बाद बलिया से दिल्ली-एनसीआर की यात्रा भी अधिक सुविधाजनक हो सकती है. प्रस्तावित यात्रा मार्ग के अनुसार, गाजीपुर से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जरिए लखनऊ और फिर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे से आगरा पहुंचा जा सकेगा. इसके बाद यमुना एक्सप्रेस-वे के जरिए नोएडा तक का सफर किया जा सकेगा.
इस मार्ग पर अलग-अलग एक्सप्रेसवे का संपर्क मिलने से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में सहूलियत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, वास्तविक यात्रा समय मार्ग, यातायात और संबंधित सड़कों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा.
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पूर्वांचल के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के चालू होने से पूर्वांचल और बिहार के बीच सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है. इससे माल ढुलाई, व्यापार और परिवहन को गति मिल सकती है. जनवरी 2027 तक शेष हिस्सों को चालू करने का लक्ष्य पूरा होने पर यह कॉरिडोर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम साबित हो सकता है.
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