Greater Noida West Elevated Road: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रोजाना जाम से जूझने वाले लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है. शाहबेरी से क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए एनएच-9 तक जाने वाले रास्ते को आसान बनाने की तैयारी तेज हो गई है. करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत वाली डबल डेकर एलिवेटेड रोड परियोजना के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पत्र भेजा है. अब परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होने के बाद आगे की प्रक्रिया बढ़ने की उम्मीद है.
जाम से मिलेगी राहत, हजारों लोगों का सफर हो सकता है आसान
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से बढ़ती आबादी और आवासीय सोसायटियों के कारण सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. सुबह दफ्तर जाने और शाम को घर लौटने के समय लोगों को अक्सर जाम का सामना करना पड़ता है. शाहबेरी, क्रॉसिंग रिपब्लिक और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए रोजाना का सफर परेशानी भरा हो जाता है.
ऐसे में प्रस्तावित डबल डेकर एलिवेटेड रोड से यातायात का दबाव कम करने की उम्मीद है. परियोजना पूरी होने पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद और नोएडा के बीच सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है. हालांकि, जाम से कितनी राहत मिलेगी और यात्रा में कितना समय बचेगा, यह अंतिम डिजाइन और यातायात व्यवस्था पर निर्भर करेगा.
मूर्ति गोलचक्कर से शुरू होकर एनएच-9 तक पहुंचेगी सड़क
प्रस्तावित योजना के अनुसार, एलिवेटेड रोड की शुरुआत मूर्ति गोलचक्कर से होगी. इसके बाद शाहबेरी नाले तक सड़क को डबल डेकर के रूप में विकसित करने की योजना है. आगे शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए सड़क को एनएच-9 तक ले जाने का प्रस्ताव है.
परियोजना की प्रमुख बातें
लागत: करीब 1200 करोड़ रुपये.
लंबाई: लगभग 2.5 किलोमीटर.
चौड़ाई: तीन लेन की सड़क प्रस्तावित.
शुरुआत: मूर्ति गोलचक्कर.
प्रस्तावित रूट: शाहबेरी, क्रॉसिंग रिपब्लिक से एनएच-9 तक.
अतिरिक्त कनेक्टिविटी: शाहबेरी नाले के किनारे से तिगरी के पास 60 मीटर चौड़ी सड़क तक एक अतिरिक्त मार्ग बनाने की योजना.
इस अतिरिक्त सड़क से आसपास के इलाकों के लोगों को आने-जाने के लिए एक और विकल्प मिल सकता है.
तीन प्राधिकरण मिलकर उठाएंगे खर्च
इस परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) मिलकर खर्च उठाने की योजना पर काम कर रहे हैं. परियोजना का अनुमानित बजट तैयार किया जा चुका है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अब डीपीआर तैयार करने के लिए एनएचएआई को पत्र भेजा है. डीपीआर में सड़क की तकनीकी संरचना, निर्माण की रूपरेखा और अन्य जरूरी पहलुओं को स्पष्ट किया जाएगा. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के मुताबिक, परियोजना के लिए एनएचएआई को पत्र लिखा गया है. डीपीआर तैयार होने के बाद निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
कैसे काम करेगी डबल डेकर एलिवेटेड रोड?
इस परियोजना की खासियत सड़क के दो स्तर होंगे. योजना के मुताबिक, निचले हिस्से में मौजूदा सड़क का इस्तेमाल ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के बीच आने-जाने वाले वाहनों के लिए किया जा सकेगा. वहीं, ऊपर बनने वाली एलिवेटेड रोड से यातायात को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है. प्रस्तावित ऊपरी सड़क की चौड़ाई करीब नौ से दस मीटर बताई गई है. इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव बांटने में मदद मिल सकती है. हालांकि, सड़क के दोनों स्तरों का अंतिम डिजाइन और तकनीकी विवरण डीपीआर तैयार होने के बाद ही स्पष्ट होगा.
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कब शुरू होगा निर्माण?
फिलहाल परियोजना डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया की ओर बढ़ रही है. इसके बाद तकनीकी मंजूरी, निर्माण की रूपरेखा और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी. अभी निर्माण शुरू होने और परियोजना पूरी होने की निश्चित तारीख स्पष्ट नहीं है. अगर योजना को मंजूरी मिलती है और निर्माण निर्धारित रूपरेखा के अनुसार पूरा होता है, तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट से गाजियाबाद और एनएच-9 की ओर जाने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है. फिलहाल, इस प्रस्ताव से उन हजारों लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं जो रोजाना जाम के बीच अपना सफर पूरा करते हैं.
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