Akhilesh Yadav on Vote Chori: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा, चुनाव आयोग और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन तीनों के कथित गठजोड़ ने चुनावी धांधली के लिए तीन स्तरों की रणनीति तैयार की है. अखिलेश ने भाजपा को ‘चुनावी सिंडिकेट’ बताते हुए मतदाता सूची से लेकर वोटों की गिनती तक में गड़बड़ी के आरोप लगाए.
अखिलेश यादव ने बताया ‘चुनावी धांधली’ का तीन स्तरीय तरीका
अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भाजपा, चुनाव आयोग और प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां तीन स्तरों पर की जाती हैं.
- चुनाव से पहले: मतदाता सूची में कथित हेरफेर कर मतदाताओं के नाम प्रभावित करना.मतदान के दौरान: अपने लोगों से कथित फर्जी मतदान कराना और विपक्षी मतदाताओं को अलग-अलग बहानों से वोट डालने से रोकना.
- मतगणना के समय: वोटों की गिनती और चुनाव परिणामों में कथित गड़बड़ी करना.
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में भाजपा, चुनाव आयोग और प्रशासन के बीच कथित गठजोड़ को ‘अपवित्र तिकड़ी’ करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इसी व्यवस्था के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है. हालांकि, ये आरोप हैं; इनसे संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है.
SIR को लेकर विपक्ष का विरोध तेज
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी अनियमितताओं को लेकर गंभीर चिंताएं हैं. दूसरी ओर, चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर राजनीतिक विवाद जारी है.
राहुल गांधी ने भी CEC ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
इस बीच, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर हमला तेज किया. नई दिल्ली के त्रिलोकपुरी ब्लॉक-20 में आयोजित ‘वोट अधिकार, जीने का अधिकार’ जनसुनवाई को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में गरीब लोगों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और वोट का अधिकार छीना जा रहा है.
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और उसका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पद से नहीं हटाते. उन्होंने वोट को प्रत्येक भारतीय नागरिक का बुनियादी अधिकार बताते हुए मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए.
30 अक्टूबर और 1 नवंबर को कांग्रेस के कार्यक्रम
वोट चोरी के आरोपों और SIR के विरोध के बीच कांग्रेस ने भी अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है. पार्टी की ओर से 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग जैसी सार्वजनिक कार्यवाही आयोजित करने की योजना है. इसके बाद 1 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ मार्च और रामलीला मैदान में जनसभा प्रस्तावित है.
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चुनावी प्रक्रिया पर बढ़ा सियासी टकराव
मतदाता सूची, SIR और चुनावी निष्पक्षता को लेकर भाजपा तथा विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. अखिलेश यादव और राहुल गांधी के ताजा बयानों से साफ है कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक आंदोलन के केंद्र में रखना चाहता है. आने वाले दिनों में कांग्रेस के प्रस्तावित कार्यक्रमों के बीच यह विवाद और तेज होने की संभावना है.
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