Hathras News: हाथरस में लोगों को एक बेहतर सार्वजनिक स्थल और शहर को जाम से राहत दिलाने की दिशा में गंग नहर को विकसित करने की मांग उठी है. अलीगढ़ रोड स्थित गंग नहर की पटरियों को पक्का कर बाईपास मार्ग बनाने और नहर के किनारे सुंदर पर्यटन स्थल विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है. इस संबंध में राजीव वाष्र्णेय ने एडीएम (जे) को ज्ञापन सौंपकर शहर के विकास की दिशा में पहल करने की मांग की.
नहर के किनारे विकसित हो सकती है शहर की नई पहचान
हाथरस में परिवार के साथ समय बिताने, सार्वजनिक बैठक करने और घूमने-फिरने के लिए बेहतर स्थान विकसित करने की जरूरत महसूस की जा रही है. ऐसे में गंग नहर शहर के लिए एक नई संभावना बन सकती है. यदि नहर की पटरियों को सीमेंटेड कर व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाए, तो इससे न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि शहर को एक आकर्षक पर्यटन स्थल भी मिल सकता है.
ज्ञापन में सुझाव दिया गया कि नहर के किनारे हरियाली, सुंदर पेड़-पौधे, बैठने की व्यवस्था, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, रंगीन लाइटें और फूड स्टॉल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं. इससे लोग अपने परिवार के साथ यहां समय बिता सकेंगे और हाथरस को भी एक नया सार्वजनिक स्थल मिल सकेगा.
बाईपास बनने से शहर को मिल सकती है जाम से राहत
गंग नहर की पटरियों के सहारे बाईपास मार्ग विकसित करने का प्रस्ताव भी दिया गया है. इसके बनने से शहर के अंदर वाहनों का दबाव कम करने और लोगों के आवागमन को आसान बनाने में मदद मिल सकती है. खासकर शहर से गुजरने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिलने से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की संभावना है.
स्थानीय कारोबार और युवाओं को मिलेगा अवसर
नहर के किनारे पर्यटन स्थल विकसित होने से इसका लाभ केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रहेगा. पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर छोटे दुकानदारों, होटल संचालकों, रेस्टोरेंट कारोबारियों और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों को भी फायदा मिल सकता है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने और अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है.
ज्ञापन में बुलंदशहर और कासगंज में नहर किनारे हुए विकास का उदाहरण देते हुए हाथरस में भी इसी तरह की पहल करने की मांग की गई. मांग उठाने वालों का मानना है कि उचित योजना और सौंदर्यीकरण के जरिए गंग नहर को शहर की नई पहचान बनाया जा सकता है.
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फिलहाल यह प्रस्ताव ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन के सामने रखा गया है. यदि इस दिशा में योजना बनाकर काम किया जाता है, तो आने वाले समय में गंग नहर हाथरस के विकास, बेहतर यातायात और पर्यटन की संभावनाओं का नया केंद्र बन सकती है.
ज्ञापन देने वालों में राजीव वाष्र्णेय, राजेन्द्र वाष्र्णेय, कृष्ण गोपाल, श्याम सुंदर माहेश्वरी, सुनील वर्मा एडवोकेट और लोकेश अग्रवाल मौजूद रहे.
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